अब पंजाब की जेलों की बदलेगी सूरत, इस एक्ट को मिली मंजूरी

punjabkesari.in Friday, May 14, 2021 - 11:40 AM (IST)

चंडीगढ़ (अश्वनी) : मुख्यमंत्री कै. अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने जेल एक्ट, 1894 के अंतर्गत पंजाब जेल नियमों, 2021 को मंजूरी दे दी और यह नियम पुराने समय से चली आ रही जेल नियमावली की जगह लेंगे।

मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार पंजाब जेल नियम, 2021 में न सिर्फ कैदियों की सुरक्षा और सुरक्षित हिरासत बल्कि अन्य पहलुओं जैसे कल्याण, सुधार और देखभाल पर भी जोर दिया गया है। प्रभावशाली निगरानी, सुरक्षित हिरासत और भागने वालों की रोकथाम को यकीनी बनाने के लिए नए नियमों में सुरक्षा के नए मापदंड पेश किए गए हैं। उच्च जोखिम वाले कैदियों जैसे कि गैंगस्टरों, नशों से संबंधित अपराधी, आतंकवादी, कट्टरपंथी आदि के रहने के लिए ‘जेलों के अंदर जेलें’ यानी उच्च सुरक्षा घेरे/जोन बनाए गए हैं। इनकी बुनियादी ढांचों की जरूरतों को पारिभाषित किया गया है।

यह वायरलैस सैट, अलार्म सिस्टम, समॢपत पावर बैकअप, हैंड-हैल्ड और डोरफ्रेम मैटल डिटैक्टर, वीडियो कांफ्रैंसिंग सुविधाएं, क्लोज्ड सर्कट टी.वी. कैमरे, एक्स-रे बैगेज मशीन, बॉडी स्कैनर और कई अन्य आधुनिक इलैक्ट्रॉनिक सुरक्षा उपकरणों के साथ लैस होंगे। उच्च सुरक्षा जोनों पर बेहतर निगरानी के लिए एक बहु-स्तरीय सुरक्षा ग्रिड भी लगाया गया है।

जेल अधिकारियों को प्रेरित करने के लिए कल्याण फंड, कर्मचारियों को उनकी शिफ्ट के दौरान खाना, कानूनी सहायता, मकान, डाक्टरी सहायता, वित्तीय सहायता, सेवामुक्त अधिकारियों के कल्याण आदि के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं। निष्पक्ष और तेजी से तरक्कियों के लिए पंजाब पुलिस की तरह ही तरक्की संबंधी कोर्स भी शामिल किए गए हैं।

अपराध वृत्ति को घटाने, रिहा किए गए दोषी कैदियों के पुनर्वास और सामाजिक पुनर्गठन को यकीनी बनाने, जेल से रिहा होने के बाद सहायता के लिए नए जेल नियमों में एक ढांचा शामिल किया गया है जो बहुत से पहलुओं को कवर करेगा, जैसे कि रोजगार/उद्यमिता में सहायता, डाक्टरी इलाज, विवाह, किराए पर घर लेना आदि शामिल हैं।

कैदियों के लिए प्रभावशाली शैक्षिक प्रोग्राम की व्यवस्था शामिल की गई है। अनपढ़ कैदियों के लिए शिक्षा लाजिमी कर दी गई है। शैक्षिक प्रोग्राम के दायरे को सिर्फ अकादमिक शिक्षा तक ही सीमित नहीं रखा गया, बल्कि नैतिक, आध्यात्मिक, सांस्कृति और कम्प्यूटर शिक्षा को भी शामिल किया गया है। मानसिक स्वास्थ्य संभाल एक्ट, 2017 के दायरे के अधीन मानसिक तौर पर बीमार कैदी के इलाज और कैद के लिए एक अलग अध्याय समर्पित किया गया है।
इलैक्ट्रॉनिक संचार जैसे कि वीडियो कांफ्रैंसिंग का प्रबंध किया गया है, जिससे कैदी अपने परिवार/दोस्तों के साथ मुलाकात या कानूनी सलाह ले सकें। इस समय कैदी अपने परिवार/ दोस्तों के साथ या तो जेल इनमेट कोडिंग सिस्टम (पी.आई.सी.एस.) का प्रयोग करके या उनको मुलाकात के दिनों में मुलाकात के समय जेल में फेस-टू-फेस बातचीत कर सकते हैं।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Tania pathak

Related News

Recommended News