विपक्षी पार्टियों की सोच दशकों बाद भी ''महिला विरोधी''

punjabkesari.in Friday, Apr 17, 2026 - 10:44 PM (IST)

पंजाब डैस्क : आज लोकसभा में जो कुछ हुआ, वह लोकतंत्र और नारी सशक्तिकरण दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। नारी शक्ति वंदन बिल, जिसका उद्देश्य महिलाओं को 33% आरक्षण देकर उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान भागीदारी देना था, उसे कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी द्वारा रोकना हैरान करने वाला है। इस तरह के महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीति करना और उसकी विफलता पर खुशी मनाना अत्यंत निंदनीय है।

यह केवल एक बिल का विरोध नहीं है, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकारों और उम्मीदों के साथ खिलवाड़ है। वर्षों से लंबित इस अधिकार को फिर टालना यह दर्शाता है कि कुछ पार्टियों की सोच अभी भी नारी सशक्तिकरण के खिलाफ है। आज की महिलाएं इस खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेंगी। नारी सम्मान को रोकने वाली ताकतों को जनता की ओर से करारा जवाब जरूर मिलेगा।


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Content Editor

Subhash Kapoor

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