Overtime पर डबल सैलरी! Night Shift करने वाली महिला कर्मचारियों को भी बड़ी राहत

punjabkesari.in Monday, Jul 20, 2026 - 02:43 PM (IST)

चंडीगढ़: कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थल की परिस्थितियों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चंडीगढ़ प्रशासन ने 'चंडीगढ़ ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस रूल्स-2026' का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इस ड्राफ्ट में कर्मचारियों के अधिकारों और नियोक्ताओं की जिम्मेदारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। प्रशासन ने इस ड्राफ्ट पर 45 दिनों के भीतर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी हैं। ड्राफ्ट के अनुसार, नए नियम लागू होने के बाद प्रत्येक संस्थान के लिए अपने कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र (अपॉइंटमेंट लेटर) जारी करना अनिवार्य होगा। जिन कर्मचारियों को अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला है, उन्हें नियम लागू होने के तीन महीने के भीतर अपॉइंटमेंट लेटर देना होगा।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर 7 दिन में मंजूरी
ड्राफ्ट में सभी संस्थानों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों की संख्या के आधार पर रजिस्ट्रेशन शुल्क तय किया जाएगा। आवेदन के सात दिनों के भीतर यदि रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी नहीं होता है, तो उसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। नए नियमों के तहत किसी भी कर्मचारी से सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही काम लिया जा सकेगा। एक दिन में आराम सहित कुल कार्य अवधि 12 घंटे से अधिक नहीं होगी। लगातार 5 घंटे काम कराने के बाद कम से कम 30 मिनट का विश्राम देना अनिवार्य होगा। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय से अधिक काम करता है, तो उसे ओवरटाइम का भुगतान सामान्य वेतन की दोगुनी दर से किया जाएगा।

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान
ड्राफ्ट में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक महिलाओं से केवल उनकी लिखित सहमति के आधार पर ही काम कराया जा सकेगा। इस दौरान नियोक्ता को सुरक्षित परिवहन, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त रोशनी और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने होंगे। इसके अलावा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं से खतरनाक कार्य नहीं कराया जाएगा।

40 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों की होगी मुफ्त हेल्थ चेकअप
ड्राफ्ट के अनुसार 40 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों का हर साल एक बार मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। वहीं, खतरनाक उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों की वर्ष में दो बार मेडिकल जांच अनिवार्य होगी। गर्मी के मौसम में खुले स्थान या अधिक तापमान में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। नियोक्ताओं को ठंडे पेयजल, आराम की व्यवस्था और हीट स्ट्रेस से बचाव के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। प्रशासन का कहना है कि ड्राफ्ट पर प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद अंतिम नियम लागू किए जाएंगे, जिससे चंडीगढ़ में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर कार्य वातावरण मिल सकेगा।


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Content Writer

Vatika

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