कैबिनेट का फैसलाः मौड़ मंडी ब्लास्ट के 4 मृतक नाबालिगों के परिजनों को मिलेगी ये सुविधा

2/19/2021 5:45:25 PM

चंडीगढ़ः पंजाब सरकार ने 31 जनवरी, 2017 को हुए मौड़ मंडी बम धमाके में मारे गए 4 नाबालिगों के परिजनों में से एक -एक मैंबर को सरकारी नौकरी देने के लिए नियमों में विशेष प्रावधान करने की मंजूरी दी है। यह फैसला आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग दौरान लिया गया। मृतक जपसिमरन सिंह (15) पुत्र खुशदीप सिंह, सौरव सिंगला (14) पुत्र रकेश कुमार, अंकुश (11) पुत्र ज्ञान चंद और रिपनदीप सिंह (9) पुत्र काला सिंह के परिवारों में से एक -एक मैंबर को शैक्षिक योग्यता के आधार पर नौकरी देने के लिए विशेष प्रावधान किया जाए।

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नाबालिग मृतकों के संबंध में मौजूदा नियम तरस के आधार पर सरकारी नौकरी मुहैया नहीं करवाते। मंत्रीमंडल के आज के फ़ैसले के साथ हर मैंबर को विशेष केस (इसे प्रथा समझे बिना) के तहत सीधे कोटे की खाली रिक्तियों के खिलाफ बठिंडा ज़िले या साथ लगते जिलों में उनकी विद्या योग्यता के मुताबिक नौकरी देने के लिए संबंधित नियमों /नीति में ढील दे दी गई है। राज्य सरकार की तरफ से नौकरी देने के अलावा हर मृतक के परिवार को 5-5लाख रुपए जबकि घायलों को 50 -50 हज़ार रुपए की वित्तीय मदद मुख्यमंत्री राहत फंड में से दी जा चुकी है। 

बता दें कि 31 जनवरी, 2017 को बठिंडा ज़िले में मोड़ मंडी में हुए बम धमाके में 7 व्यक्तियों की मौत हो गई थी जबकि 13 ज़ख़्मी हो गए थे। राज्य सरकार ने मौजूदा नीति मुताबिक 2 मृतकों हरपाल सिंह (40) तेजा सिंह और अशोक कुमार (35) पुत्र बाबू राम को पहले ही सरकारी नौकरी मुहैया करवा दी है क्योंकि जो यह दोनों व्यक्ति अपने परिवारों के लिए रोज़ी -रोटी कमाने वाले थे। अशोक कुमार केस में उसकी नाबालिग बेटी बाग़ों (11) की भी इस हादसे में मौत हो गई थी लेकिन परिवार के एक मैंबर को पहले ही नौकरी दी जा चुकी है जिस कारण आज मंजूर किए गए विशेष प्रावधान में बाग़ों को शामिल नहीं किया गया।


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Vatika

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