पंजाब के उपभोक्ताओं को मिल सकती है बड़ी राहत

9/22/2021 10:54:02 AM

पटियाला (परमीत): पंजाब के उपभोक्ताओं को बिजली दरों में बड़ी राहत मिलने की आस बंध गई है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड की पछवाड़ा कोयला खान चलाने के मामले में पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड (पावरकॉम) के हक में फैसला सुनाया है। पछवाड़ा केंद्रीय खान पहली कंपनी पंजाब राज्य बिजली बोर्ड को अलॉट हुई थी, जिसको चलाने के लिए पी.एस.ई.बी. ने एमटा कंपनी के साथ मिलकर पानेम कंपनी बनाई थी, जिसका 25 नवम्बर 2004 को खान चलाने के लिए झारखंड सरकार के साथ समझौता हो गया था। इस कंपनी में पी.एस.ई.बी. का 26 फीसदी और एमटा का 74 फीसदी हिस्सा था। साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने 1993 से 2011 तक की कोयला खानों की अलाटमैंट रद्द कर दी थीं।
केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2015 को फिर से कोयला खान अब नई कंपनी पावरकॉम को अलाट कर दी थी। जब खान को चलाने के लिए पावरकॉम ने टैंडर लगाया तो एमटा कंपनी ने 2015 में इस टैंडर को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। हाईकोर्ट ने पावरकॉम पर वित्तीय बोलियां खोलने पर रोक लगा दी। इस उपरांत जब पावरकॉम ने एमटा के दावे पर विचार करने का भरोसा दिया तो एमटा ने पटीशन वापस ले ली पर दोनों पक्षों में फिर विवाद खड़ा हो गया तो 2018 में एमटा ने फिर से पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में केस दर्ज किया। 

इस मामले में हाईकोर्ट ने एमटा के हक में फैसला दे दिया, जिसको पावरकॉम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट में आज जस्टिस एल. नागेश्वर राव, जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस बी.वी. नागारतना के बैंच ने पावरकॉम के हक में फैसला देते हुए हाईकोर्ट द्वारा 26 जनवरी 2019 को सुनाया फैसला खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ पावरकॉम को बड़ी राहत मिली है। पावरकॉम के सी.एम.डी. ए. वेणू प्रसाद के अनुसार अब पछवाड़ा कोयला खान शुरू होने पर पावरकॉम को सालाना 500 करोड़ रुपए की बचत होने का अनुमान है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला उस समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही पावरकॉम ने यह बताया था कि उसे तकरीबन 1450 करोड़ रुपए सालाना मुनाफा हुआ है। 

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Content Writer

Tania pathak

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