बाढ़ में डूबा पंजाब! टूटा बांध, खतरे के साय में लोग
punjabkesari.in Sunday, Aug 31, 2025 - 01:38 PM (IST)

पंजाब डेस्क : पंजाब इन दिनों भयंकर बाढ़ की मार झेल रहा है। पंजाब के 9 जिले फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला, पठानकोट, तरनतारन, होशियारपुर, मोगा, गुरदासपुर और बरनाला पूरी तरह प्रभावित हैं। अब तक 1018 गांव पानी में डूब चुके हैं। लाखों लोगों के घर और खेतीबाड़ी बुरी तरह तबाह हो गए हैं। राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ की 11 टीमें और सेना के जवान जुटे हैं। सेना विशेष रूप से पठानकोट, रूपनगर और होशियारपुर जिलों में सक्रिय है।
धुस्सी बांध टूटा
गुरदासपुर जिले के घोनेवाले क्षेत्र में रावी नदी के उफान से धुस्सी बांध टूट गया। इसके चलते पानी तेजी से फैलकर अजनाला शहर तक पहुंच गया और लगभग 80 गांव डूब गए।
बारिश ने ली जान
भारी बारिश के चलते संगरूर जिले के गांव संगतपुरा में रविवार को एक घर की छत गिर गई। हादसे में 60 वर्षीय कर्मजीत कौर की मौत हो गई। जबकि उनकी बेटी और दामाद गंभीर रूप से घायल हैं।
ब्यास और काली बेई पर खतरे का साया
ब्यास नदी का स्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे कपूरथला और होशियारपुर जिलों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। कपूरथला प्रशासन ने निवासियों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है। वहीं, सुल्तानपुर लोधी में काली बेई नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
रेलवे की विशेष ट्रेनों से राहत
बाढ़ से जूझ रहे यात्रियों के लिए रेलवे ने आज जम्मूतवी से तीन स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। इनमें से एक कोलकाता, दूसरी चेन्नई सेंट्रल और तीसरी नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। ये ट्रेनें पठानकोट कैंट, जालंधर कैंट और लुधियाना से होकर गुजरेंगी।
इतिहास की सबसे बड़ी बाढ़
सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि 1988 में आई बाढ़ में 11.20 लाख क्यूसेक पानी दर्ज हुआ था। इस बार यह आंकड़ा 14.11 लाख क्यूसेक पार कर गया है। इसलिए विशेषज्ञ इसे पंजाब के इतिहास की सबसे विनाशकारी बाढ़ बता रहे हैं।
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