पंजाबियों के लिए चिंता भरी खबर! पंजाब सरकार की नई स्कीमों से बिगड़ेंगे वित्तीय हालात
punjabkesari.in Wednesday, Feb 25, 2026 - 02:22 PM (IST)
चंडीगढ़ : पंजाब की आर्थिक स्थिति पहले ही काफी खराब है और ऊपर से राज्य में दी जा रही सब्सिडियों और बढ़ते कर्ज के कारण वित्तीय हालत और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा 40 लाख परिवारों को मुफ्त राशन किट देने की घोषणा से कुछ दिन पहले राज्य की वित्तीय स्थिति का आकलन करने के लिए एक अध्ययन किया गया था। इस अध्ययन में सब्सिडियों को तर्कसंगत बनाने की सिफारिश की गई थी।
मोहाली स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार सब्सिडियों और कर्ज के बढ़ते बोझ के कारण राज्य औद्योगिक बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में पिछड़ गया है। पंजाब का सब्सिडी बिल पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2020-21 में यह 9,747 करोड़ रुपए था, जो वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान के मुताबिक बढ़कर 21,833 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अध्ययन के अनुसार पंजाब पर बकाया कर्ज वर्ष 2012-13 में 92,282 करोड़ रुपए था, जिसके 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 4.17 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है।
नई योजनाओं से बढ़ेगा वित्तीय दबाव
राज्य सरकार द्वारा एनएफएसए के तहत 40 लाख परिवारों को मुफ्त राशन किट देने की घोषणा से खजाने पर सालाना 950 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके अलावा यदि महिलाओं को 1,000 रुपए प्रति माह देने का चुनावी वादा बिना किसी शर्त के लागू किया जाता है तो इसके लिए सालाना करीब 12,000 करोड़ रुपए की जरूरत होगी, जिससे राज्य के वित्त पर भारी दबाव पड़ेगा।

