ऑपरेशन 'प्रहार' की निकली हवा! नाजायज हथियारों की खरीदो-फरोख्त का बड़ा गढ़ बना 'पंजाब'
punjabkesari.in Saturday, Feb 14, 2026 - 02:11 PM (IST)
कपूरथला (भूषण, महाजन, मल्होत्रा) : योगी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाई के चलते यू.पी. में अवैध हथियारों की मांग लगभग ठप हो गई है। वहीं पुलिस मुठभेड़ों से भयभीत होकर बड़ी संख्या में खतरनाक अपराधी उत्तर प्रदेश से भागकर पंजाब के झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में शरण ले चुके हैं, जिसके परिणामस्वरूप पंजाब के विभिन्न जिलों में अवैध हथियारों की तस्करी में भारी वृद्धि हुई है।
वहीं, 'प्रहार' अभियान के दौरान पंजाब पुलिस द्वारा राज्य की झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में तलाशी अभियान न चलाने के कारण अवैध हथियारों की तस्करी बेरोकटोक जारी है। गौरतलब है कि पिछले 3-4 वर्षों में पंजाब में जबरन वसूली, गिरोहवार और अन्य गंभीर घटनाओं में अवैध हथियारों की सबसे बड़ी भूमिका रही है। इस दौरान पंजाब पुलिस ने बड़ी संख्या में अवैध हथियारों के साथ कई अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पूछताछ के दौरान अन्य राज्यों से हथियार लाने की बात स्वीकार की है, लेकिन यह बरामदगी आटे में नमक की तरह है।
पिछले 3-4 वर्षों में पंजाब भर में बड़ी संख्या में अवैध हथियार पहुंचे हैं। कहा जाता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई और पुलिस मुठभेड़ों में बड़ी संख्या में अपराधियों के मारे जाने के बाद अपराधी इतने भयभीत हो गए हैं कि अब उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की मांग शून्य हो गई है। उत्तर प्रदेश के कई अवैध हथियार तस्करों ने पंजाब को अपना केंद्र बना लिया है, जिसके कारण पिछले 3-4 वर्षों में बड़ी संख्या में अवैध हथियार पंजाब पहुंचे हैं, जिसके चलते हर अपराधी, चाहे छोटा हो या बड़ा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बनी अवैध पिस्तौलें अपने हाथों में ले चुका है। इसी वजह से राज्य में अपराध नए स्तर पर पहुंच रहा है, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा शुरू किया गया 'प्रहर' अभियान, जो राज्य को गैंगस्टरों और अपराधियों से मुक्त करने का दावा करता है, भी कोई खास असर नहीं डाल पा रहा है।
यदि सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो राज्य में बढ़ सकती हैं घटनाएं
कहा जाता है कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिए, जिन्होंने कभी उत्तर प्रदेश को अपना केंद्र बनाया था, आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनवाकर पंजाब के विभिन्न झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में शरण ले चुके हैं। ये अपराधी अवैध हथियारों की बिक्री में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, अब तक न तो अन्य राज्यों से आए इन अपराधियों के खिलाफ कोई व्यापक अभियान चलाया गया है और न ही उनकी पहचान के लिए कोई बड़ा तलाशी अभियान चलाया गया है, जिसके कारण पंजाब ऐसे अपराधियों की दया पर निर्भर हो गया है। यदि ऐसे संदिग्धों को पकड़ने के लिए जल्द ही कोई अभियान शुरू नहीं किया गया, तो राज्य कभी भी बड़ी आपराधिक गतिविधियों से नहीं बच पाएगा।
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