पंजाब : Love Marriage करवाने पर गांव से निकाल देंगे बाहर, पंचायत का सख्त फरमान
punjabkesari.in Tuesday, Apr 21, 2026 - 04:07 PM (IST)
रूपनगर: रूपनगर (रोपड़) जिले के गांव उइंद की पंचायत ने एक ही गांव के युवाओं के बीच लव मैरिज के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक फैसला लिया है। पंचायत ने प्रस्ताव पास किया है कि अगर एक ही गांव में लड़का-लड़की शादी करते हैं, तो उन्हें गांव में नहीं रहने दिया जाएगा और उनका पूरी तरह से सामाजिक बायकॉट किया जाएगा। गांव के सरपंच मेजर सिंह के मुताबिक, गांव में अब तक ऐसे 5-6 मामले सामने आ चुके हैं, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। उनका तर्क है कि गांवों में लोग एक-दूसरे के बहुत करीब होते हैं और उनके बीच चाचा, चाची या भाई-बहन का रिश्ता होता है, इसलिए ऐसी शादियां संस्कृति के खिलाफ हैं।
सरपंच ने यह भी कहा कि ऐसी शादियों से दो परिवारों के बीच झगड़े बढ़ते हैं, जिससे हत्या जैसी घटनाओं का खतरा रहता है। पंचायत ने चेतावनी दी है कि अगर कोई परिवार ऐसे जोड़े की मदद करता है, तो उनका भी बायकॉट किया जाएगा। यह पहला मामला नहीं है, 2025 से अब तक पंजाब के करीब 9 गांवों की पंचायतें ऐसे आदेश जारी कर चुकी हैं। इनमें फरीदकोट के सिरसरी और अनोखपुरा, मोहाली के मानकपुर शरीफ, मोगा के घल्ल कलां, बठिंडा के कोटशमीर और अमृतसर के अदलीवाल और धारीवाल कलेर जैसे गांव शामिल हैं। कई जगहों पर ऐसे जोड़ों को सरकारी सुविधाओं से दूर रखने के लिए प्रस्ताव भी पास किए गए हैं।
दूसरी ओर, कानूनी जानकार इस फैसले को संविधान का उल्लंघन मान रहे हैं। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के वकील कमलदीप सिद्धू के मुताबिक, संविधान के आर्टिकल 21 के तहत हर नागरिक को अपनी मर्ज़ी से जीवन साथी चुनने की निजी आज़ादी है। उन्होंने साफ किया कि पंचायत कोई कोर्ट नहीं है और उसके पास किसी को भी गांव से निकालने या सामाजिक बायकॉट करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
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