जालंधर में करोड़ों के रोड स्वीपिंग टेंडर पर सवाल, दुकानदार परेशान, पढ़ें कंपनी का कारनामा

punjabkesari.in Wednesday, Oct 14, 2026 - 11:28 AM (IST)

जालंधर (खुराना): नगर निगम जालंधर की ओर से शहर की सड़कों की साफ-सफाई के लिए चलाए जा रहे रोड स्वीपिंग प्रोजेक्ट को लेकर एक नया मामला सामने आया है। इस प्रोजेक्ट के तहत एक प्राइवेट कंपनी रात के समय स्वीपिंग मशीनों से शहर की सड़कों की सफाई करती है। इन मशीनों के साथ ट्रॉलियां और टैंकर आदि भी चलाए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट पर नगर निगम की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए जाने हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कंपनी ने अपनी मशीनरी खड़ी करने के लिए अभी तक किसी वर्कशॉप या अन्य जगह की व्यवस्था नहीं की है।

जानकारी के अनुसार, रोड स्वीपिंग मशीनें रात के समय सड़कों की सफाई करती हैं, जबकि दिन के समय इन मशीनों और इनके साथ चलने वाले अन्य वाहनों को गढ़ा रोड स्थित छोटी बारादरी पार्ट-2 की मार्केट की पार्किंग में खड़ा किया जा रहा है। इस कारण मार्केट के दुकानदारों और कारोबारियों को अपने वाहन खड़े करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि छोटी बारादरी पार्ट-2 की मार्केट की पार्किंग वहां के प्लॉटों और शोरूम के मालिकों के इस्तेमाल के लिए रिजर्व है। इन दुकानदारों और कारोबारियों ने करोड़ों रुपये खर्च करके सरकार से अपनी प्रॉपर्टी खरीदी है। ऐसे में उनकी पार्किंग में नगर निगम के प्राइवेट ठेकेदार की मशीनरी खड़ी होने से उनके लिए अपने वाहन पार्क करना मुश्किल हो रहा है।

निगम अधिकारियों के कहने पर वाहन खड़े करने का दावा

बताया जाता है कि जब मार्केट के दुकानदारों और कारोबारियों ने इस मामले में स्वीपिंग मशीनें चलाने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों से बातचीत की और अपनी आपत्ति जताई, तो उन्हें बताया गया कि नगर निगम के अधिकारियों ने ही उन्हें अपने वाहन यहां खड़े करने के लिए कहा है।

इस मामले में सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों रुपये का टेंडर लेने वाली कंपनी ने अपनी मशीनरी खड़ी करने के लिए अलग जगह की व्यवस्था क्यों नहीं की। वहीं, यह भी सवाल है कि छोटी बारादरी पार्ट-2 की मार्केट की रिजर्व पार्किंग का इस्तेमाल नगर निगम के प्राइवेट ठेकेदार की मशीनरी खड़ी करने के लिए किस आधार पर किया जा रहा है। अब देखना यह है कि नगर निगम के अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और मार्केट के दुकानदारों को पार्किंग की समस्या से कब राहत मिलती है।

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News Editor

Urmila

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