''सास-बहू'' का झगड़ा खत्म हो गया है लेकिन...'', कांग्रेस में कलह पर रवनीत बिट्टू का बड़ा बयान
punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 07:22 PM (IST)
चंडीगढ़ (अंकुर तांगड़ी): BJP नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब कांग्रेस के अंदर चल रहे विवाद पर तीखा हमला बोला है और कहा है कि पार्टी की अंदरूनी लड़ाई खत्म नहीं होने वाली है। उन्होंने ताने कसते हुए कहा कि एक समय था जब टीवी पर 'सास-बहू' ड्रामा का झगड़ा चर्चा का विषय होता था लेकिन अब वह झगड़ा खत्म हो गया है, जबकि कांग्रेस की लड़ाई पहले की तरह जारी है। बिट्टू के इस बयान को पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी और लगातार सामने आ रहे विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिट्टू ने सीधे तौर पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी के जहां भी कार्यक्रम हो रहे हैं, वहां झगड़े सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए MP की हर जगह बेइज्जती हो रही है और पार्टी की अंदरूनी लड़ाई को पब्लिक प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राजा वड़िंग और भूपेश बघेल के प्रोग्राम में पार्टी वर्कर्स का जोश नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पॉलिटिकल जीवन में किसी भी पार्टी के जनरल सेक्रेटरी की ऐसी हालत नहीं देखी, जो आज पंजाब कांग्रेस के इंचार्ज की दिख रही है। बिट्टू के मुताबिक, बघेल जहां भी जाते हैं, विवाद और नाराजगी सामने आ जाती है। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब पंजाब कांग्रेस के अलग-अलग प्रोग्राम के दौरान गुटबाजी सामने आ रही है।
कई जगहों पर चरणजीत सिंह चन्नी के सपोर्ट में नारे लगे हैं, तो कुछ जगहों पर राजा वड़िंग और भूपेश बघेल के खिलाफ भी नारे लगे। इससे विपक्षी पार्टियों को भी कांग्रेस पर हमला करने का मौका मिल रहा है। बिट्टू ने 'गो बैक बघेल' पोस्टरों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी घटनाएं इस बात का सबूत हैं कि कांग्रेस के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अगर पार्टी कहती है कि यह सब विरोधियों की साजिश है, तो पार्टी की अपनी लीडरशिप क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि हर बार विरोधियों पर इल्जाम लगाकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता। उन्होंने कहा कि वह खुद लंबे समय से कांग्रेस का हिस्सा रहे हैं और पार्टी के काम करने के तरीके को करीब से जानते हैं। इसलिए उन्हें हैरानी नहीं है कि ऐसी घटनाएं फिर से सामने आ रही हैं। बिट्टू ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भी पार्टी के अंदर ऐसी ही गुटबाजी और आपसी खींचतान देखी गई थी और आज भी वही सीन दोहराया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले लोग 'सास-बहू' के ड्रामे के एपिसोड देखते थे, लेकिन अब पंजाब कांग्रेस के प्रोग्राम हर दिन नए एपिसोड बन गए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी कांग्रेस का प्रोग्राम होता है, वहां किसी न किसी गुट की तरफ से नारेबाजी या विरोध होता है और यह सिलसिला थम नहीं रहा है।
बिट्टू ने राजा वड़िंग पर भी पर्सनली निशाना साधा और कहा कि लुधियाना के लोगों ने उन्हें बड़े भरोसे के साथ MP चुना था, लेकिन आज वह हर जगह अपनी बेइज्जती करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कांग्रेस प्रेसिडेंट के समय ऐसे हालात पैदा नहीं हुए और पार्टी की डिसिप्लिनरी तस्वीर काफी अलग थी। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि पार्टी प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग गुटों के सपोर्टर आमने-सामने आ जाते हैं। इससे न सिर्फ पार्टी की साख को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आम कार्यकर्ताओं में भी गलत मैसेज जा रहा है।
दूसरी तरफ, पंजाब कांग्रेस लगातार दावा कर रही है कि विरोधी ताकतें पार्टी को कमजोर करने के लिए ऐसा माहौल बना रही हैं। कुछ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नारेबाजी और विरोध के पीछे विरोधी पार्टियां हैं। हालांकि, विपक्ष इस तर्क को खारिज करते हुए कह रहा है कि अगर पार्टी के अंदर सब ठीक है, तो बाहरी लोग ऐसा माहौल नहीं बना सकते। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर पंजाब कांग्रेस को आने वाले चुनावों में एक मजबूत दावेदार के तौर पर उभरना है, तो उसे सबसे पहले अपने अंदरूनी मतभेदों को सुलझाना होगा। लगातार सामने आ रही गुटबाजी और सार्वजनिक झगड़े न सिर्फ पार्टी की इमेज पर असर डाल रहे हैं, बल्कि विपक्ष को हमला करने के लिए लगातार नए मुद्दे भी दे रहे हैं। रवनीत सिंह बिट्टू का ताजा बयान भी इस राजनीतिक टकराव को और तेज करता दिख रहा है।
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