पाक में गुरुद्वारों की संभाल को लेकर प्रो. सरचांद ने कही अहम बात

punjabkesari.in Monday, Mar 21, 2022 - 12:30 PM (IST)

अमृतसर (गुरिन्दर सागर): पिछले दिनों करतारपुर साहिब पाकिस्तान सरकार की तरफ से करतारपुर साहिब कोरिडोर में जश्न-ए-बहारों प्रोग्राम का ऐलान किया गया था। उसके खिलाफ प्रोफेसर सरचांद की तरफ से आवाज उठाई गई। उनके आवाज बुलंद करने के बाद शिरोमणि कमेटी और अन्य सिख संगठन हरकत में आए और पाकिस्तान सरकार के साथ इस बारे बातचीत की गई। उसके बाद पाकिस्तान सरकार की तरफ से यह प्रोग्राम रद्द कर दिया गया। पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अधिकारों की बात करते हुए प्रो. सरचांद ने कहा कि उनके पास बड़े ही सीमित अधिकार हैं जिसमें श्री अखंड पाठ साहिब जी के पाठ यह कमेटियां करवा सकतीं हैं जबकि कोई बड़े फैसले जोकि सिख सिद्धांतों के मुताबिक होने चाहिएं ऐसे फैसले पाकिस्तान की तरफ से बनाई गई कमेटी जिसमें ज्यादातर पाकिस्तान एजेंसी आई.एस.आई. के मैंबर शामिल हैं, ही लेती है।

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उन्होंने कहा कि कूटनीतिक और राजनीतिक तौर पर पर पाकिस्तान सरकार के साथ बात करने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों की शमूलियत पाकिस्तान की तरफ से बनाई गई कमेटी में करवानी चाहिए जिससे कोई भी प्रोग्राम बनाने से पहले गुरु मर्यादा का ध्यान रखा जा सके। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से बनाई गई कमेटी की तरफ से पहले भी गुरु मर्यादा के उलट कई काम किए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे काम भविष्य में न हों इसलिए संगठनों और सरकारें को पहलकदमी करनी चाहिए।

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एक और बड़े हादसो का जिक्र करते हुए प्रो. सरचांद ने कहा कि आज से तकरीबन 22 वर्ष पहले 20 मार्च वाले दिन चिट्ठी सिंघपुरा अनंतनाग में 36 सिक्खों को गोली मार दी गई थी जिनमें से 35 सिख मारे गए थे जबकि एक सिख नानक सिंह नाम का ही बचा था। उन्होंने कहा कि आज 22 वर्षों बाद भी उस नरसंहार का इंसाफ सिखों को नहीं मिला है और अब तक सिखों के कातिलों का भी पता नहीं चल सका है। उन्होंने सरकारों और सिख संगठनों को आगे आकर इसकी पड़ताल करने की बात कही जिससे इस बड़े नरसंहार के पीछे कौन था इसका पता लगाया जा सके।

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News Editor

Urmila

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