रजिस्ट्री करवाने वाले दें ध्यान! हुए बदलाव, नए आदेश जारी
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 04:22 PM (IST)
जालंधर (चोपड़ा): ईजी रजिस्ट्रेशन सिस्टम में सरकार द्वारा किया गया नया बदलाव लागू हो गया हैं, लेकिन इस बदलाव ने लोगों को राहत देने के बजाय उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं। नई व्यवस्था के तहत अब सब-रजिस्ट्रार के सिस्टम में तब तक अगली अप्वाइंटमैंट दिखाई नहीं देगी, जब तक पहले से चल रही अप्वाइंटमैंट से संबंधित पूरी प्रक्रिया कंप्लीट नहीं हो जाती। इसका सीधा असर यह हुआ कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में काम की रफ्तार अचानक बेहद धीमी हो गई और लोगों को अपने निर्धारित समय के बावजूद काफी अधिक देर तक इंतजार करना पड़ा।
अब तक की व्यवस्था के अनुसार जब किसी आवेदक के दस्तावेज ऑनलाइन अप्रूव हो जाते थे तो वह ईजी रजिस्ट्रेशन पोर्टल के माध्यम से अप्वाइंटमैंट लेकर निर्धारित समय पर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचता था। वहां टोकन लगवाने के बाद खरीदार, विक्रेता, गवाह और नंबरदार के साथ दस्तावेज सब-रजिस्ट्रार के सामने पेश किए जाते थे। अधिकारी अपनी आईडी में पहले से अपलोड किए गए दस्तावेजों से मिलान करता था, फोटो ली जाती थी और फिर दस्तावेजों का प्रिंट निकालकर रजिस्ट्री, वसीयत, पावर ऑफ अटॉर्नी, तबदील मलकियत जैसे कागजातों को मंजूरी दी जाती थी।
इस प्रक्रिया के दौरान सब-रजिस्ट्रार की आईडी में अगली अप्वाइंटमैंट पहले से दिखाई देती रहती थी, जिससे एक केस के निपटान की चल रही प्रक्रिया के दौरान ही दूसरे केस पर काम शुरू किया जा सकता था। इससे दफ्तर में एक तरह का फ्लो बना रहता था और ज्यादा से ज्यादा लोगों का काम एक ही दिन में निपटाया जा सकता था। अब नई व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब खरीदार और विक्रेता दोनों के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओ.टी.पी. भेजा जाएगा। जब तक दोनों पक्ष उस ओ.टी.पी. को दर्ज नहीं करेंगे, तब तक रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी।
इसके उपरांत डाक्यूमैंट को लेकर अधिकारी, खरीदार, विक्रेता, गवाहों, नंबरदार की तस्वीर सहित दस्तावेज के प्रिंट निकलने तक अधिकारी की आई.डी पर अगला केस शो नहीं हुआ करेगा। ऐसे में एक ही रजिस्ट्री को पूरा करने में काफी समय लग रहा है। जब तक किसी एक आवेदक का काम कंप्लीट नहीं हो जाता तब तक सब-रजिस्ट्रार अगले केस पर काम भी शुरू नहीं कर सकता क्योंकि उसकी आई.डी. में अगली अप्वाइंटमैंट तब तक शो ही नहीं होती जब तक मौजूदा केस पूरी तरह बंद नहीं हो जाता।
इसी कारण आज प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में कामकाज बेहद धीमा रहा। इससे सब रजिस्ट्रार-1 और सब रजिस्ट्रार-2 कार्यालयों में गहमागहमी और नाराजगी का माहौल बना रहा। वहीं लोगों का कहना है कि ईजी रजिस्ट्रेशन सिस्टम को आसान बनाने के लिए शुरू किया गया था, लेकिन लगातार किए जा रहे बदलाव इसे और जटिल बनाते जा रहे हैं।
वकीलों और डीड राइटरों का कहना है कि सरकार को सिस्टम लागू करने से पहले इसकी तकनीकी और व्यावहारिक तैयारियां पूरी करनी चाहिए थीं। अगर एक केस के अटकने से पूरा कार्यालय ठप्प हो जाए तो इससे न केवल जनता परेशान होगी बल्कि सरकारी कामकाज की छवि भी खराब होगी। लोगों की मांग है कि सरकार इस सिस्टम की समीक्षा करे और ऐसी व्यवस्था बनाए जिसमें सुरक्षा और पारदर्शिता तो बनी रहे, लेकिन आम जनता को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।
कड़ाके की ठंड ने भी ठंडा किया सब रजिस्ट्रार कार्यालयों का कामकाज
पिछले कई दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड नें भी सब रजिस्ट्रार कार्यालयों का कामकाज ठंडा कर दिया है। सब रजिस्ट्रार-1 कार्यालय की ही बात करें तो जहां अक्सर रोजाना 100 से अधिक दस्तावेजों को अप्रूव्ल पाने को आनलाइन अप्वाइंटमैंट ली जाती रही है वहीं आज 54 अप्वाइंटमैंट ली गई है। सब रजिस्ट्रार दमनवीर सिंह ने बताया कि 54 में से 51 डॉक्यूमैंट को अप्रूवल दी गई है। वहीं सब रजिस्ट्रार-2 जगतार सिंह ने बताया कि उनके कार्यालय में 39 ऑनलाइन अप्वाइंटमैंट ली गई थी जिसमें से सभी 39 डाक्यूमैंट रजिस्टर्ड कर दिए गए है।
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