Ludhiana में चोरों का 'केमिकल अटैक'! Thar का शीशा पिघलाकर उड़ाया लैपटॉप और कीमती सामान
punjabkesari.in Saturday, Jul 04, 2026 - 04:34 PM (IST)
लुधियाना (राज): जस्सियां रोड इलाके में बेखौफ घूम रहे चोरों ने अब चोरी करने का एक ऐसा हाईटेक और अनोखा तरीका निकाला है, जिसने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम जनता के भी होश उड़ा दिए हैं। यहाँ गली में खड़ी एक महिंद्रा थार (Thar) गाड़ी को निशाना बनाते हुए शातिर चोरों ने किसी खास केमिकल की मदद से गाड़ी का पिछला शीशा बिना कोई आवाज किए तोड़ डाला। चोर गाड़ी के भीतर से करीब डेढ़ लाख रुपये का कीमती लैपटॉप, महंगे गैजेट्स और अन्य साजो-सामान समेट कर फरार हो गए। हैरान करने वाली बात यह रही कि चोरों की यह पूरी लाइव करतूत वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, लेकिन पुलिस की सुस्ती से तंग आकर पीड़ित ने शिकायत तक दर्ज नहीं कराई।
मिली जानकारी के अनुसार, मनवीर सिंह (जो ईंट बनाने वाली मशीनों के बड़े कारोबारी हैं) ने बताया कि वे रोजाना की तरह रात को अपनी थार गाड़ी घर के बाहर गली में पार्क करके अंदर गए थे। जल्दबाजी के चक्कर में उनका लैपटॉप और अन्य कीमती सामान से भरा बैग गाड़ी के भीतर ही छूट गया। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, वीरवार तड़के सुबह करीब 3:30 बजे दो संदिग्ध नकाबपोश युवक गली में दाखिल हुए, जिनके हाथों में टॉर्च थी। आरोपियों ने पहले गली में खड़ी बाकी गाड़ियों की रेकी की और फिर सीधे थार गाड़ी के पास जाकर रुक गए।शातिर चोर अपने साथ एक खास तरह का लिक्विड केमिकल लेकर आए थे। उन्होंने थार गाड़ी के पिछले शीशे पर वह केमिकल डाला, जिससे शीशा बिना किसी आवाज के पल भर में चटक गया । चोरों ने जैसे ही शीशा हटाकर गाड़ी का पिछला दरवाजा खोला, तो थार का ऑटोमैटिक सिक्योरिटी सायरन बजने लगा। सायरन बजने से चोर एक पल के लिए घबराए जरूर, लेकिन उन्होंने पैर पीछे नहीं खींचे। चोरों ने पलक झपकते ही गाड़ी के भीतर हाथ साफ किया सामान वाला बैग लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद जब सुबह मौके पर देखा गया तो गाड़ी के टायर के पास वह संदिग्ध
25 बार फोन करने पर भी सोई रही पुलिस; पीसीआर बोली— 'गाड़ी में सामान छोड़ा ही क्यों?'
इस पूरी वारदात में लुधियाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। कारोबारी मनवीर ने आरोप लगाया कि सायरन की आवाज सुनकर जब पूरा मोहल्ला जाग गया, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम पर एक के बाद एक करीब 20 से 25 बार फोन मिलाया, लेकिन काफी देर तक किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। काफी मिन्नतों और मशक्कत के बाद जब पीसीआर (PCR) के कर्मचारी मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने सांत्वना देने और चोरों का पीछा करने की बजाय उलटा पीड़ित कारोबारी पर ही सवाल दाग दिया कि "तुमने इतना कीमती बैग रात को गाड़ी में छोड़ा ही क्यों था?" पुलिस के इस अड़ियल और निराशाजनक रवैये से दुखी होकर पीड़ित मनवीर ने पुलिस में कोई भी औपचारिक शिकायत दर्ज करवाने से साफ इनकार कर दिया।

