2 लोकसभा और 3 विधानसभा चुनावों में 'आप' ने देखा हार का मुंह

punjabkesari.in Tuesday, Jun 28, 2022 - 04:17 PM (IST)

लुधियाना (विक्की): पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत प्राप्त करने के बाद संगरूर लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में किस्मत ने फिर आम आदमी पार्टी का साथ नहीं दिया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि जब आम आदमी पार्टी को उपचुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। इससे पहले भी पंजाब में हुए 4 उपचुनावों में आम आदमी पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा है और इस बार भी यह रिकॉर्ड बरकरार रहा। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो आम आदमी पार्टी 8 वर्षों में पंजाब में हुए 3 विधानसभा और 2 लोकसभा उपचुनाव में पराजय का मुंह देख चुकी है।

बात 2014 से करें तो कैप्टन अमरेंद्र सिंह के अमृतसर में अरुण जेतली के खिलाफ चुनाव जीतने के बाद खाली हुई पटियाला विधानसभा सीट से ‘आप’ का उपचुनाव हारने का सिलसिला शुरू हुआ।

पटियाला में विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में ‘आप’ की ओर से चुनाव लड़े हरजीत ङ्क्षसह अदालतीवाल को केवल 5634 वोट प्राप्त हुए थे जबकि इस सीट से विजेता रही कांग्रेस पार्टी की परनीत कौर को 52967 वोट मिले। ‘आप’ उमीदवार इस मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे थे।
इसी तरह 2014 में तलवंडी साबो विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव में अकाली दल के जीत मोहिंदर सिंह ने कांग्रेस के हरमिंदर जस्सी को 46642 वोट से हराया था। इस चुनाव में ‘आप’ प्रत्याशी प्रो. बलजिंदर कौर को 13899 वोट मिले थे और वह तीसरे स्थान पर रही थीं।
2017 में गुरदासपुर लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में भी पार्टी अपना करिश्मा नहीं दिखा सकी। इस चुनाव में भी पार्टी मुकाबले से बाहर नजर आई। कांग्रेस के तत्कालीन उम्मीदवार सुनील कुमार जाखड़ ने भाजपा के स्वर्ण सलारिया को करीब 1.94 लाख मतों से पराजित किया था। इस उपचुनाव में ‘आप’ प्रत्याशी सुरेश खजूरिया महज 23,579 वोट ले सके थे।

अब बात करें तो 2019 में दाखा विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में भी पार्टी चुनाव हार गई थी। इससे पहले इस सीट पर आम आदमी पार्टी के ही एडवोकेट एच.एस. फूल्का ने बड़ी जीत हासिल की थी लेकिन उनके इस्तीफा देने के बाद खाली हुई सीट पर हुए उपचुनावों में अकाली-भाजपा उम्मीदवार मनप्रीत सिंह अयाली ने जीत दर्ज की थी।

अयाली ने 66,297 वोट पाकर बाजी मारते हुए कांग्रेस के संदीप संधू को करारी शिकस्त दी थी। लोक इंसाफ पार्टी के सुखदेव ङ्क्षसह चक्क 8441 और ‘आप’ के अमनदीप ङ्क्षसह मोही मात्र 2804 वोट ही प्राप्त कर सके थे। अब भगवंत मान के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई संगरूर लोकसभा सीट पर हुए चुनाव में ‘आप’ फिर से पराजित हुई है। इस सीट के लिए रविवार को घोषित रिजल्ट में अकाली दल अमृतसर के सिमरनजीत सिंहमान ने ‘आप’ उम्मीदवार गुरमेल सिंह को 5822 वोट से हराया।

क्या होगा ‘आप’ पर असर
पंजाब की संगरूर लोकसभा सीट पर उपुचनाव में हार के कारण आम आदमी पार्टी को कुछ नुक्सान झेलना पड़ सकता है। हिमाचल, हरियाणा तथा गुजरात में पार्टी लगातार अपना अभियान तेज कर रही थी, लेकिन सत्ता में आने का दावा अभी दूर की कौड़ी साबित हो सकता है। हिमाचल में जल्द ही चुनाव होने हैं तथा पार्टी वहां पर कांग्रेस को पछाड़ कर भाजपा से सत्ता हथिया कर कुर्सी पर काबिज होने की योजना पर काम कर रही है, लेकिन पंजाब में पार्टी की खराब हुई इमेज नुक्सान दे सकती है क्योंकि हिमाचल के बहुत से लोग पंजाब में रहते हैं और यहां और वहां के मसलों को लेकर आदान-प्रदान होता रहता है। पार्टी को अब हिमाचल में मेहनत करने के साथ-साथ पंजाब में भी अपनी छवि सुधारनी होगी।

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News Editor

Kalash

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