SGPC ने ट्रस्ट पर लगाए आरोपों को किया खारिज, आज होगा सलाना बजट पेश

punjabkesari.in Wednesday, Mar 30, 2022 - 12:45 PM (IST)

अमृतसर (दीपक): शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कुछ सदस्यों की तरफ से सिख संस्था के प्रस्तावित बजट (2022-23) के बारे में लगाए जा रहे आरोपों को शिरोमणी कमेटी के मैंबरों ने गलत करार दिया है। शिरोमणि कमेटी का सालाना बजट आज 30 मार्च को पेश किया जाएगा। जानकारी के अनुसार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अधिकारियों और सदस्यों ने शिरोमणी कमेटी के मैंबर मिट्ठू सिंह काहनेके, भाई गुरप्रीत सिंह रंधावा वाले, बाबा गुरमीत सिंह त्रिलोकेवाला और अन्य की तरफ से सिक्ख संस्था के बजट, ट्रस्ट और जायदादों संबंधी लगाए गए आरोपों को खारिज करते उनकी तरफ से उठाए गए ऐतराजों को निर्मूल और राजनीति से प्रेरित करार दिया है। शिरोमणि कमेटी के अंत्रिंग कमेटी मैंबर हरजाप सिंह सुलतानविंड, गुरिंदरपाल सिंह गोरा, मैंबर भाई गुरचरन सिंह ग्रेवाल, भाई राजिंदर सिंह मेहता, भाई मनजीत सिंह भूराकोहना, सुरजीत सिंह भिट्टेवड्ड, भाई राम सिंह, भाई गुरबखश सिंह खालसा, मंगविंदर सिंह खापड़खेड़ी, अधिक सचिव सुखमिंदर सिंह, प्रताप सिंह और शिरोमणी समिति प्रधान के ओ.एस.डी. सतबीर सिंह धामी ने सांझी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि शिरोमणि कमेटी सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 के नियमों अनुसार कार्य कर रही है और गुरुद्वारा प्रबंधों के साथ-साथ सेहत, शिक्षा और लोग भलाई के लिए वचनबद्ध है।

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शिरोमणी कमेटी के अधिकारियों ने कहा कि सुखदेव सिंह ढींडसा का नेतृत्व में मिट्ठू सिंह काहनेके और उन्य मैंबर जानबूझ कर शिरोमणि कमेटी को बदनाम कर रहे हैं और दुख की बात है कि उनके आगामी बजट के विवरण को भी गलत ढंग के साथ जनतक करने की कोताही की है। शिरोमणी कमेटी के मैंबर भाई गुरचरन सिंह ग्रेवाल और भाई राजिंदर सिंह मेहता ने कहा कि शिरोमणी कमेटी को हड़पने के इरादे के साथ इसके विरुद्ध साजिशें रची जा रही हैं और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर संगत में प्रचार किया जा रहा है।

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प्रैस को संबोधन करते सुरजीत सिंह भिट्टेवड्ड ने कहा कि शिरोमणि कमेटी के प्रबंध वाले ऐतिहासिक गुरुद्वारों की जमीनों पर किसी भी राजसी व्यक्ति का कब्जा नहीं है, बल्कि शिरोमणि कमेटी ने बहुत सी जमीन कब्जा करने वालों से छुड़वाई हैं। कुछ गुरूद्वारे ऐसे जिन पर लोकल कमेटियों के प्रबंध समय मुजारों को जमीनें दी गई थीं परंतु जब इन गुरुद्वारों का प्रबंध शिरोमणि कमेटी के पास सीधे तौर पर आया तो बड़ी संख्या में जमीनों से कब्जे छुड़वाए गए। लोकल कमेटियों के समय इन गुरुद्वारों की जमीन से 39 लाख 67 हजार रुपए आमदन थी, पर अब यह 4 करोड़ 56 लाख से अधिक है। यह विस्तार तकरीबन 1100 प्रतिशत है। शिरोमणी कमेटी ने जमीनें खाली करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच कर पिछले पंद्रह सालों दौरान 1354 एकड़ जमीन का प्रबंध लिया है।

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शिरोमणी कमेटी के मैंबर भाई राम सिंह ने शिरोमणि कमेटी के प्रबंध वाले ट्रस्टों संबंधी कहा कि अलग-अलग मेडीकल और शैक्षिक अदारों को सुचारू ढंग के साथ चलाने के लिए सात ट्रस्ट कार्यशील हैं। काहनेके की तरफ से इन ट्रस्टों पर राजसी कब्जे का आरोप लगाया गया है, जबकि वास्तव में यह शिरोमणि कमेटी की जायदाद हैं और शिरोमणि कमेटी के प्रधान इनके चेयरमैन के तौर पर कार्यशील हैं। शिरोमणि कमेटी के अधिक सचिव सुखमिंदर सिंह ने बजट के बारे डाले जा रहे भ्रम संबंधी स्पष्ट करते कहा कि सिख संस्था के बजट को वृद्धि या नुक्सान के साथ जोड़ना ठीक नहीं, बल्कि यह तो गुरू घरों में संगत की तरफ से श्रद्धा के साथ चढ़ाए जाते पैसों पर निर्भर करता है। बजट से पहले सभी शिरोमणि कमेटी के सदस्यों को जानकारी भेजी जाती है, जिससे वह जनरल हाऊस में अपने विचार पेश कर सकें पर बजट से पहले इस बारे में गलत जाणकारी प्रसारित करना ठीक नहीं हैं। शिरोमणि कमेटी के मैंबर भाई गुरचरन सिंह ग्रेवाल ने गुरबानी प्रसारण को लेकर पी.टी.सी. के अधिकार संबंधी कहा कि इस चैनल की तरफ से शिरोमणि कमेटी को हर साल 1 करोड़ 90 लाख रुपए दिए जाते हैं और इसका इकरारनामा अगले साल 2023 तक है।

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News Editor

Kalash

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