'शगुन योजना' के नए नियमों ने बढ़ाई गरीब परिवारों की मुश्किलें, लोगों में भारी रोष

punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 12:29 PM (IST)

हाजीपुर (जोशी): पंजाब सरकार द्वारा गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी के लिए शुरू की गई 'शगुन योजना' (आशीर्वाद योजना) अब लोगों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बनती जा रही है। सरकार द्वारा नियमों में किए गए बदलावों और फंड में देरी के कारण लाभार्थियों में भारी निराशा देखी जा रही है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत मिलने वाली 51 हजार रुपये की राशि शादी के 5-6 महीने बीत जाने के बाद भी नहीं मिल रही है। इसके साथ ही, सरकार ने अब आदेश जारी किए हैं कि शगुन योजना की फाइलें केवल सेवा केंद्रों में ही जमा होंगी, जबकि पहले ये फाइलें सीधे संबंधित कार्यालयों या इंटरनेट कैफे के माध्यम से जमा हो जाती थीं। सबसे बड़ी समस्या आय की सीमा को लेकर आ रही है। सरकार की शर्त के अनुसार लाभार्थी की वार्षिक आय 30 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

लोगों का आरोप है कि जब वे पटवारी के पास रिपोर्ट करवाने जाते हैं, तो पटवारी द्वारा आय लगभग एक लाख रुपये लिख दी जाती है। इस तकनीकी कारण से सेवा केंद्रों में जमा की जा रही ज्यादातर फाइलें रद्द (कैंसिल) हो रही हैं। गुरु नानक सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष किरपाल सिंह गेरा, शिरोमणि अकाली दल के टकसाली नेता लखविंदर सिंह टिम्मी तथा कमल विज शंटी ने सरकार के इन फैसलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मांग की है कि शगुन योजना की राशि शादी के 15 दिनों के भीतर जारी की जाए तथा सेवा केंद्रों में ही फाइलें जमा करवाने की सख्त शर्त तुरंत हटाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो वे सरकार के विरुद्ध तीखा प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Kalash

Related News