Punjab में जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, सेना की मूवमेंट पर नजर रखने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार
punjabkesari.in Monday, Jun 15, 2026 - 05:45 PM (IST)
बठिंडा (विजय वर्मा): राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में बठिंडा पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने कथित जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बठिंडा-मलोट रोड पर सरकारी बिजली के खंभे पर गुप्त रूप से सोलर पावर आधारित कैमरा लगाकर सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी तथा उसकी फुटेज पाकिस्तान और कनाडा में बैठे देश विरोधी तत्वों तक पहुंचाई जा रही थी। पुलिस के अनुसार थाना थर्मल बठिंडा में 9 जून 2026 को FIR संख्या 66 दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट) सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मार्च में लगाया गया था कैमरा, लाइव निगरानी के लिए लगा था सक्रिय सिम
जांच में सामने आया कि बठिंडा-मलोट नेशनल हाईवे पर अंबुजा फैक्ट्री के सामने सरकारी बिजली के खंभे पर मार्च महीने में सोलर ऊर्जा से संचालित एक कैमरा लगाया गया था। कैमरे में सक्रिय सिम कार्ड लगा होने के कारण उससे लगातार लाइव निगरानी की जा रही थी। प्राथमिक जांच के मुताबिक कैमरे का मुख्य उद्देश्य राजस्थान, फाजिल्का और फिरोजपुर बॉर्डर की ओर जाने वाले सैन्य वाहनों, सुरक्षा बलों की तैनाती और संवेदनशील गतिविधियों की जानकारी जुटाना था। आशंका जताई जा रही है कि यह फुटेज पाकिस्तान और कनाडा में सक्रिय नेटवर्क तक पहुंचाई जा रही थी।
तकनीकी जांच और ह्यूमन इंटेलिजेंस से ट्रेस हुआ नेटवर्क
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी बठिंडा डॉ. ज्योति यादव बैंस के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं। बठिंडा पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से पूरे नेटवर्क को ट्रेस किया। 10 जून को अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र के गांव सराए निवासी 40 वर्षीय अशोक सिंह पुत्र प्रकाश सिंह को गिरफ्तार किया गया। उससे हुई पूछताछ के आधार पर 14 जून को गांव सराए के ही 22 वर्षीय अकासदीप सिंह पुत्र बलदेव सिंह को भी दबोच लिया गया।
2 और आरोपी रडार पर, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच
पुलिस रिमांड के दौरान 2 अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है। मामले में कुल 4 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें से 2 गिरफ्तार हो चुके हैं जबकि 2 की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से ऐसा स्थान चुना था, जहां से नेशनल हाईवे से गुजरने वाली सुरक्षा एजेंसियों और सैन्य वाहनों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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