अरविंद केजरीवाल नेता नहीं बल्कि “वसूली भाई” हैं: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल
punjabkesari.in Saturday, Jun 06, 2026 - 01:47 PM (IST)
लुधियाना (शिमलापुरी) : आज लुधियाना दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान राष्ट्रीय भाजपा नेता एवं एडवोकेट सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब के लोगों को अत्यंत सतर्क रहने की आवश्यकता है और उन्हें आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के भ्रामक वादों, भावनात्मक नाटक और छलपूर्ण राजनीति का एक बार फिर शिकार नहीं बनना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 काल के दौरान दिल्ली के कई निजी स्कूलों ने आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे अभिभावकों के लिए फीस में छूट एवं अस्थायी राहत देने की घोषणाएं की थीं लेकिन महामारी समाप्त होने के बाद उन्हीं स्कूलों ने बकाया राशि एवं अतिरिक्त शुल्क के रूप में पूरी रकम अभिभावकों से वसूल कर ली, जिससे केजरीवाल सरकार के बहुचर्चित दावों की वास्तविकता उजागर हो गई।
ग्रेवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल कैमरों और माइक्रोफोनों के सामने आकर्षक घोषणाएं करने की कला में निपुण हैं, लेकिन उन घोषणाओं का बोझ अंततः आम नागरिकों पर ही पड़ता है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल कोई नेता नहीं बल्कि एक “वसूली भाई” हैं, जिनकी राजनीति प्रचार, भ्रम फैलाने और अंततः आम लोगों से वसूली करने के इर्द-गिर्द घूमती है।
When Arvind Kejriwal was the Chief Minister of Delhi, many private schools announced fee waivers during the COVID period. But as soon as COVID ended, those very schools recovered the entire amount by imposing arrears on parents.
— Sukhminderpal Singh Grewal (Bhukhri Kalan, Ldh) (@sukhgrewalbjp) June 6, 2026
Kejriwal is not a leader; he is a “Vasooli Bhai”…… pic.twitter.com/7PyNzqkJJp
ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब के लोगों को नारों और खोखले भाषणों से प्रभावित होने से पहले दिल्ली मॉडल का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को जनता को गुमराह करने का एक और अवसर दिया गया, तो दिल्ली में दिखाई दिया वही क्रम पंजाब में भी दोहराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पंजाबी बहादुर, समझदार और राजनीतिक रूप से जागरूक लोग हैं, जिन्हें विज्ञापनों और कृत्रिम कथाओं के सहारे हमेशा के लिए मूर्ख नहीं बनाया जा सकता। आम आदमी पार्टी सरकार की अक्षमता, अहंकार और गलत प्राथमिकताओं के कारण पंजाब पहले ही काफी नुकसान झेल चुका है।
ग्रेवाल ने कहा कि केजरीवाल की राजनीति भ्रम पैदा करने, अव्यावहारिक वादे करने और बाद में उसका बोझ सामान्य परिवारों के कंधों पर डालने पर आधारित है। लोगों को यह समझना चाहिए कि मुफ्त योजनाएँ और आकर्षक घोषणाएं उदारता का प्रतीक नहीं बल्कि राजनीतिक निवेश हैं, जिनकी कीमत किसी न किसी रूप में अंततः जनता से ही वसूली जाती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों से उनकी विनम्र एवं ईमानदार अपील है कि वे झूठे वादों और भावनात्मक भाषणों के जाल में न फँसें। यदि अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों को अधिक शक्ति के साथ सत्ता में बने रहने या पुनः लौटने का अवसर मिला, तो पंजाब में भी घोषणाओं के बाद वसूली, अतिरिक्त शुल्क और आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ का वही चक्र देखने को मिल सकता है।
ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब ईमानदार शासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और ऐसी नीतियों का हकदार है जो राजनीतिक लाभ के लिए लोगों का शोषण करने के बजाय उन्हें वास्तविक रूप से सशक्त बनाएं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि पंजाब के लोगों को छल और धोखे पर आधारित राजनीति को अस्वीकार कर सत्य, जिम्मेदारी तथा राज्य एवं राष्ट्र के दीर्घकालिक हितों के पक्ष में मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
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