परविंद्र झोटा हत्याकांड पर तरुण चुघ का पंजाब सरकार पर हमला, बोले- नशा माफिया के खिलाफ कार्रवाई में सरकार विफल
punjabkesari.in Wednesday, Oct 14, 2026 - 07:22 PM (IST)
मानसा: परविंद्र सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर भाजपा नेता तरुण चुघ ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में नशा बेचने वालों के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा करने में सरकार नाकाम साबित हो रही है।
तरुण चुघ ने कहा कि जिस काम की जिम्मेदारी पंजाब सरकार और पुलिस की थी, वह काम आज आम लोग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें भी मौत मिल रही है। चुघ ने कहा कि परविंद्र झोटा नशा बेचने वालों का पर्दाफाश कर रहा था, लेकिन उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाए कि बार-बार पुलिस को फोन किए जाने के बावजूद पुलिस समय पर मौके पर क्यों नहीं पहुंची।
चुघ ने कहा कि परविंद्र झोटा द्वारा लाइव किए गए वीडियो में पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकान के मालिक अश्विनी कुमार को किसी का फोन आया था, जिसके बाद गोलियां चलाई गईं और परमिंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
'पंजाब में पुलिस बेबस नजर आ रही है'
भाजपा नेता ने कहा कि इस घटना के बाद लोगों में पंजाब सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की बहादुर पुलिस भी बेबस नजर आ रही है और सरकार नशे के कारोबार पर लगाम लगाने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि जो लोग नशे के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
तरुण चुघ ने ड्रग माफिया और पंजाब सरकार के बीच कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि जब परमिंद्र झोटा एक दुकान पर कथित तौर पर नशा बेचे जाने की जानकारी साझा कर रहा था, तो उसकी सुरक्षा क्यों नहीं सुनिश्चित की गई।
तरुण चुघ ने परविंद्र झोटा के पिता के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी इस मामले में ड्रग माफिया की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता ने कहा कि इन आरोपों की जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब में हालात बेहद चिंताजनक हैं। आज बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के बजाय उनकी तस्वीरों पर राखी बांधने को मजबूर हो रही हैं। उन्होंने इस घटना को पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार की विफलता का उदाहरण बताया।

