चेहरे ढके, हाथों में लोहे की रॉड... Bathinda में चोर गिरोह का आतंक, दहशत में व्यापारी
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 04:49 PM (IST)
बठिंडा (विजय वर्मा): शहर की कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती देते हुए बठिंडा के प्रताप नगर इलाके में बुधवार देर रात चोरों के एक संगठित गिरोह ने जमकर आतंक मचाया। 15 से 20 की संख्या में आए नकाबपोश चोरों ने सुनियोजित तरीके से कई दुकानों को निशाना बनाया और लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहनों पर हाथ साफ कर फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके के व्यापारी दहशत में हैं। व्यापारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतर आए।

ढाई बजे रात, चेहरे ढके, हाथों में लोहे की रॉड
पीड़ित दुकानदारों के अनुसार बुधवार देर रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच 15–20 युवक अपने चेहरे कंबल से ढककर प्रताप नगर मार्केट में दाखिल हुए। चोरों ने पहले से की गई रेकी के आधार पर चुनिंदा दुकानों को निशाना बनाया। लोहे की रॉड और अन्य औजारों की मदद से उन्होंने एक के बाद एक दुकानों के ताले तोड़े। इस दौरान चोरों ने पारस ज्वैलर्स के 5 ताले तोड़कर पूरी दुकान को खाली कर दिया। दुकान मालिक के मुताबिक चोर करीब 8 किलो चांदी के आभूषण और बड़ी मात्रा में सोने के गहने चोरी कर ले गए, जिनकी कीमत लाखों रुपये में आंकी जा रही है। वहीं, पास की एक अन्य ज्वैलर्स की दुकान के ताले तोड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन चोर उसमें सफल नहीं हो सके।
दुकानों को देख उड़ गए होश
गुरुवार सुबह जब दुकानदार अपनी दुकानों पर पहुंचे तो टूटे ताले, बिखरा सामान और खाली अलमारियां देखकर उनके होश उड़ गए। कुछ ही देर में पूरी मार्केट में हड़कंप मच गया। चोरी की खबर आग की तरह फैलते ही आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। दुकानदारों का आरोप है कि रात करीब 3:30 बजे पुलिस को सूचना देने के बावजूद करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
व्यापारियों का फूटा गुस्सा, शटर गिराकर रोष धरना
घटना से आक्रोशित प्रताप नगर मेन रोड के व्यापारियों ने वीरवार सुबह अपनी दुकानें बंद कर दीं और पुलिस प्रशासन व आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ जोरदार रोष धरना-प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने शटर गिराकर सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए। व्यापारियों ने अपनी दुकानों पर ‘दुकान बिकाऊ’ के पोस्टर लगाकर प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उन्हें सुरक्षा नहीं मिली, तो वे यहां कारोबार करने को मजबूर नहीं रहेंगे।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों ने प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं—
प्रताप नगर और आसपास के इलाकों में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए।
मार्केट में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी को प्रभावी किया जाए।
चोर गिरोह की शीघ्र गिरफ्तारी कर चोरी का सामान बरामद किया जाए।
बाजारों में पुलिस की स्थायी मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।
भाजपा नेता सरूप चंद सिंगला का सरकार पर हमला
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे भाजपा जिला प्रधान व पूर्व विधायक सरूप चंद सिंगला ने जिले की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बठिंडा में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और आम लोग व व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सरूप चंद सिंगला ने आरोप लगाया कि नशे और अपराध का गठजोड़ मजबूत होता जा रहा है। उन्होंने कहा, “जब अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण और ढीली कार्रवाई मिलती है, तब वे बेखौफ होकर ऐसी वारदातों को अंजाम देते हैं।” उन्होंने सरकार से पुलिस बल बढ़ाने, कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
एसपी सिटी का आश्वासन, विशेष टीमें जांच में जुटीं
व्यापारियों के धरने के बाद मौके पर पहुंचे एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को शांत करते हुए आश्वासन दिया कि चोरों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और चोरी गया सामान बरामद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए डीएसपी सिटी-1 अमृतपाल सिंह भाटी की अगुआई में सीआईए स्टाफ-2 और थाना कैनाल कॉलोनी की पुलिस टीमें गठित की गई हैं। अज्ञात चोरों के खिलाफ थाना कैनाल कॉलोनी में मामला दर्ज कर लिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्धों की पहचान की जा रही है। एसपी सिटी ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी।
हालांकि पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई और नतीजे चाहिए। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और जिला पुलिस प्रशासन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे। प्रताप नगर की इस वारदात ने बठिंडा की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन के सामने जनता का भरोसा बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अब देखना होगा कि पुलिस इस संगठित चोर गिरोह पर कब तक शिकंजा कस पाती है और शहर के व्यापारियों को कब राहत मिलती है।
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