फेक चालान का नया 'साइबर जाल': जानें कैसे फोन का कंट्रोल ले रहे ठग? पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

punjabkesari.in Wednesday, Apr 15, 2026 - 12:34 PM (IST)

बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): डिजिटल इंडिया के दौर में जहां सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका खोज लिया है। बरनाला और आसपास के इलाकों में आजकल 'फेक ट्रैफिक चालान' के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। अब ठग केवल लिंक ही नहीं भेज रहे, बल्कि ‘.ए.पी.के.’ फाइल के जरिए आपके पूरे स्मार्टफोन का कंट्रोल अपने हाथ में ले रहे हैं।

इस ठगी का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि यह सॉफ्टवेयर आपके फोन पर आने वाले ओ.टी.पी. (वन टाइम पासवर्ड) को भी पढ़ लेता है। ठग आपके बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करते हैं और ओ.टी.पी. उनके पास पहुंच जाता है। आपको खबर होने से पहले ही खाता खाली हो जाता है। मदद कहां से लें? यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत साइबर क्राइम हैल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराएं। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।

कैसे काम करता है ठगी का यह जाल?

साइबर सैल की जांच के अनुसार, जालसाजों का तरीका बेहद शातिराना है:

व्हाट्सएप मैसेज: सबसे पहले वाहन मालिक को एक व्हाट्सएप मैसेज भेजा जाता है, जिसमें ट्रैफिक पुलिस का आधिकारिक लोगो लगा होता है ताकि वह असली लगे।
डरावना संदेश: मैसेज में लिखा होता है कि आपके वाहन का चालान कटा है। विवरण या फोटो देखने के लिए नीचे दी गई फाइल को इंस्टॉल करने को कहा जाता है।
मैलवेयर का हमला: जैसे ही आप उस ‘.ए.पी.के.’ फाइल पर क्लिक करते हैं, फोन में एक जासूसी सॉफ्टवेयर डाऊनलोड हो जाता है।
पूर्ण नियंत्रण: यह सॉफ्टवेयर आपकी गैलरी, कॉन्टैक्ट्स और बैंकिंग ऐप्स का एक्सैस ठगों को दे देता है।

साइबर सैल द्वारा जारी जरूरी दिशा-निर्देश

पुलिस प्रशासन और साइबर विशेषज्ञों ने नागरिकों को सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

संदिग्ध फाइलें डाऊनलोड न करें: व्हाट्सएप पर आई किसी भी अनजानी फाइल (खासकर ‘.ए.पी.के.’ वाली) को कभी न खोलें।
आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें: चालान की सही स्थिति जानने के लिए केवल 'vahan.parivahan.gov.in' या 'mParivahan' ऐप का इस्तेमाल करें।
फोन सेटिंग्स बदलें: अपने मोबाइल की सेटिंग्स में जाकर 'इन्सटॉल फरोम अननोन सोर्सिज' को हमेशा बंद रखें।
तुरंत एक्शन लें: यदि गलती से कोई ऐप डाऊनलोड हो जाए, तो तुरंत इंटरनैट बंद करें और फोन को फैक्टरी रिसैट (फॉर्मैट) कर दें।
याद रखें: परिवहन विभाग कभी भी चालान के लिए व्हाट्सएप पर कोई सॉफ्टवेयर या फाइल नहीं भेजता। आधिकारिक सूचना हमेशा साधारण टैक्स्ट मैसेज से आती है।

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News Editor

Urmila

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