Punjab : 6,000 की रिश्वत लेते स्कूल प्रिंसिपल पर विजिलेंस का शिकंजा, रंगे हाथों दबोचा

punjabkesari.in Thursday, Apr 16, 2026 - 06:46 PM (IST)

लुधियाना (राज): पंजाब में भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए विजिलेंस ब्यूरो की टीम पूरी तरह एक्शन मोड में है। ताजा मामले में लुधियाना जिले के अजीतसर मोही स्थित कैंप खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल को विजिलेंस ने रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रिंसिपल गुरमीत सिंह ने एक छात्र के भविष्य से जुड़े दस्तावेजों के बदले अपनी जेब भरने की कोशिश की, जो उसे सलाखों के पीछे ले गई।

विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई मोही गांव के ही एक निवासी की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता ने कोरोना काल के दौरान 10वीं कक्षा पास की थी, लेकिन उसे लंबे समय से अपना पासिंग सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा था। जब उसने ऑनलाइन आवेदन के बाद भी सफलता न मिलने पर स्कूल के प्रिंसिपल गुरमीत सिंह से संपर्क किया, तो प्रिंसिपल ने मदद करने की बजाय रिश्वत का दांव चल दिया। आरोपी ने सर्टिफिकेट दिलाने के नाम पर 15,800 रुपये की भारी-भरकम मांग कर दी और मौके पर ही 10,000 रुपये ऐंठ लिए। हैरानी की बात यह है कि जिस डुप्लीकेट सर्टिफिकेट की सरकारी फीस मात्र 900 रुपये और तत्काल फीस 2,000 रुपये है, उसके लिए शिक्षा के मंदिर में बैठा यह शख्स हजारों रुपये की डिमांड कर रहा था।

रिश्वतखोर प्रिंसिपल की डिमांड से तंग आकर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो लुधियाना का रुख किया। ब्यूरो की टीम ने शिकायत की सच्चाई परखने के बाद तुरंत जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी प्रिंसिपल ने रिश्वत की अगली किस्त के रूप में 6,000 रुपये पकड़े, विजिलेंस की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में उसे रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो के थाना लुधियाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी अन्य छात्रों को इसी तरह मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर चुका है।


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Content Editor

Subhash Kapoor

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