इस गांव में लगती हैं महिलाओं के नाम की नेम प्लेट, जानिए क्यों

Thursday, January 11, 2018 6:58 PM
इस गांव में लगती हैं महिलाओं के नाम की नेम प्लेट, जानिए क्यों

बठिंडा: बठिंडा में एक ऐसा गांव जहां घरों के बाहर पुरुषों का नाम नहीं बल्कि घर की महिला का नाम है। महिलाओं के सम्मान के लिए इस गांव में मुहिम शुरू की हुई है। पंचायत ने महिला दिवस के लिए अलग से 50 हजार का बजट रखा है। इस दिन जहां महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है। वहीं जिला प्रशासन इस गांव को सम्मानित करने का विचार बना रहा है। 

पंजाब का पहला गांव
यह गांव हिम्मतपुरा है जो पंजाब का पहला गांव है, जहां हर घर के बाहर महिलाओं के नाम की नेम प्लेट लगी है। महिलाओं को सम्मान देने और पंजाब पर लगे कुड़ीमार के कलंक को धोने के लिए इस गांव में खास अभियान शुरू किया गया है। गांव के लोग अब पत्र व्यवहार के लिए भी पुरुषों की जगह महिलाओं के नाम को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस गांव की लोहड़ी भी हर साल लड़कियों को समर्पित की जाती है। वहीं पंच इंद्रजीत है जो की महिलाओं के हक के लिए सदा तैयार रहती हैं। गांव की पंचायत ने हर साल लोहड़ी को लड़कियों को समर्पित करने का फैसला किया है। 

गांव में 55 फीसदी हैं महिला वोटर 
इस योजना को शुरू करने वाले ग्रामीण विकास अधिकारी परमजीत सिंह ने कहां की उसने ये योजना तैयार की है। जब उन्होंने गांव की सरपंच मलकीत कौर से शेयर की तो उन्होंने सहमति दे दी। पंचायत के साथ इलाके के लोगों ने दिन-रात काम शुरू किया। गांव के हर वार्ड का पूरा नक्शा गली के बाहर लगाया गया और इसमें मकान नंबर भी अंकित किया गया है ताकि किसी को घर तलाशने में दिक्कत न हो। साथ ही हर घर के गेट के आगे परिवार की सबसे अधिक उम्र की महिला के नाम की तख्ती भी लगाई गई है। इस गांव में करीब 55 फीसदी महिला वोटर हैं ।

क्या कहते हैं डिप्टी कमिश्रर 
वहीं इस बारे में बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर का कहना है कि यह गांव बहुत ही अच्छा काम कर रहा है। महिलाओं को सम्मान देने के लिए गांव की महिलाओं और पुरुषों ने सहयोग दिया है। इसलिए इस गांव को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सभी गांव के लोग ऐसे प्रयास करें तो पंजाब में महिलाओं का सम्मान और ज्यादा बढ़ेगा। 



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