प्रदूषण विभाग ने जालंधर नगर निगम से वसूला 25 लाख रुपए का जुर्माना

6/22/2020 10:24:27 AM

जालंधर(खुराना): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चाहे करीब 5 साल पहले स्वच्छ भारत मिशन लांच किया था परंतु जालंधर नगर निगम में इस मिशन का कोई खास असर देखने को नहीं मिला बल्कि शहर में कूड़े तथा गंदगी की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। निगम कूड़े की मैनेजमैंट पर प्रति महीने करोड़ों रुपए खर्च करता है परंतु फिर भी कूड़े की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही। निगम में कांग्रेसी सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो चुका है परंतु इसके बावजूद कांग्रेसियों से भी कूड़े की समस्या पर काबू नहीं पाया जा सका।

इस बीच पंजाब प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने शहर के मेन डम्प वरियाणा की हालत न सुधारने के मामले में जालंधर नगर निगम को 25 लाख रूपए का जुर्माना ठोका है । बड़ी बात यह है कि इस मामले में जालंधर निगम ने विभाग को जो 50 लाख की बैंक गारंटी कई महीने पहले सौंपी थी, उसमें से प्रदूषण विभाग ने जुर्माने के 25 लाख रुपए कैश करवा कर अपने खाते में भी डलवा लिए हैं। 

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले एन.जी.टी. की टीम ने प्रदूषण विभाग तथा निगम अधिकारियों के साथ वरियाणा डंप का दौरा किया था जिस दौरान वहां कूड़े के पहाड़ तथा खस्ता हालत देखकर एन.जी.टी. की टीम के मुखिया जस्टिस जसबीर सिंह भी काफी हैरान हुए थे। तब एन.जी.टी. की टीम ने निगम को वरियाणा डंप की हालत को सुधारने के लिए कई निर्देश जारी किए थे परंतु हैरानी इस बात की है कि नगर निगम के अधिकारियों ने एन.जी.टी. का कोई निर्देश नहीं माना और वरियाणा डंप की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती रही जिस कारण प्रदूषण विभाग ने कड़ा फैसला लेते हुए निगम को ना केवल 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया बल्कि उसे अब वसूल भी कर लिया गया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि वरियाणा डंप की खस्ता हालत को लेकर शहर में आए दिन सफाई कर्मियों की हड़ताल भी होती रहती है परंतु इसके बावजूद इस डंप की सुध नहीं ली जा रही। 


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