खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, नवांशहर समेत कई जिलों में औचक छापेमारी
punjabkesari.in Thursday, Apr 16, 2026 - 05:26 PM (IST)
नवांशहर (त्रिपाठी): पंजाब सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंजाब के निदेशक डॉ. गुरजीत सिंह बराड़ के कुशल नेतृत्व में, किसानों को गुणवत्तापूर्ण और समय पर कृषि सामग्री प्रदान करने के उद्देश्य से, राज्य स्तरीय निगरानी टीमों ने सभी जिलों में खाद डीलरों की दुकानों, गोदामों और प्लाईवुड औद्योगिक इकाइयों की औचक जांच की। इस अभियान के तहत राज्य स्तरीय टीम ने बहराम, बंगा, मुकंदपुर, राहो, नवांशहर और बलाचौर में उर्वरक विक्रेताओं के गोदामों की जांच की और सैंपलिंग की। इसके अलावा बलाचौर स्थित प्लाइवुड औद्योगिक इकाइयों की भी जांच की गई।
इस टीम में डॉ. अमरीक सिंह केन कमिश्नर पंजाब, डॉ. लेख राज माही मुख्य कृषि अधिकारी, डॉ. गुरप्रीत सिंह कृषि अधिकारी फतेहगढ़ चूड़िया, डॉ. राज कुमार कृषि अधिकारी नवांशहर, डॉ. लछमण दास कृषि अधिकारी बंगा, डॉ. पंकज सिंह कृषि अधिकारी बलाचौर, डॉ. विजय महेशी कृषि विकास अधिकारी (इन्फो), डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. मोनिका, डॉ. जगमनदीप कौर, सभी कृषि विकास अधिकारी शामिल थे।
इस मौके पर डॉ. अमरीक सिंह ने कहा कि पंजाब में यूरिया खाद का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और देखा गया है कि सब्सिडी वाले यूरिया खाद का इस्तेमाल फीड और प्लाइवुड इंडस्ट्री में संभवहै, जो गैरकानूनी है। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिये कि पी.ओ.एस. मशीनों से स्टॉक क्लीयर कर किसानों को फसल की आवश्यकता के अनुसार ही खाद उपलब्ध करायें तथा अतिरिक्त खाद की बिक्री कतई न करें।
यदि कोई खाद विक्रेता फीड एवं प्लाइवुड उद्योगों को यूरिया बेचता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कृषि अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी खाद विक्रेताओं, फीड और प्लाइवुड उद्योगों की लगातार जांच की जाए और यदि कोई उद्योग सब्सिडी वाले यूरिया का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उस उद्योग के खिलाफ तुरंत उचित कार्रवाई की जाए और उसे जब्त कर लिया जाए। इस मौके पर मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. लेख राज माही ने कहा कि इन आदेशों को पूरी तरह से लागू किया जाएगा और जिले में खाद की अनावश्यक बिक्री और उद्योग में अवैध उपयोग को पूरी तरह से रोका जाएगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ तुरंत उचित कार्रवाई की जाएगी।
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