Promotion पर लगी रोक खत्म! पंजाब के प्रिंसिपलों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत
punjabkesari.in Tuesday, Jul 07, 2026 - 02:17 PM (IST)
बठिंडा: पंजाब के शिक्षा विभाग में लंबे समय से रुकी हुई प्रिंसिपलों की पदोन्नति (प्रमोशन) को लेकर बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट द्वारा पदोन्नतियों पर लगा स्टे हटाए जाने के बाद अब प्रिंसिपलों की प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) ने इसे संगठन के लगातार संघर्ष और कानूनी लड़ाई की बड़ी जीत बताया है।
डीटीएफ के जिला प्रधान बलजिंदर सिंह और जिला सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि संगठन लंबे समय से प्रिंसिपलों, हेडमास्टरों और अन्य शिक्षा अधिकारियों की पदोन्नति के लिए संघर्ष कर रहा था। उन्होंने बताया कि संगठन के प्रयासों से पहले प्रमोशन कोटा 75 प्रतिशत करवाया गया था, जिससे विभिन्न कैडरों के शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता खुला। हालांकि, कुछ लोगों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर किए जाने के बाद पदोन्नतियों पर रोक लग गई थी। उन्होंने बताया कि संगठन ने एक ओर आंदोलन जारी रखा, वहीं दूसरी ओर हरविंदर सिंह (फतेहगढ़ साहिब) और कुलविंदर सिंह (बठिंडा) की अगुवाई में कानूनी लड़ाई भी लड़ी। इसके परिणामस्वरूप अब हाईकोर्ट ने पदोन्नतियों पर लगी रोक हटा दी है।
डीटीएफ नेताओं का कहना है कि इस समय पंजाब के सेकेंडरी स्कूलों में करीब 65 से 70 प्रतिशत प्रिंसिपलों के पद खाली हैं, जिससे स्कूलों का प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद बिना किसी देरी के प्रिंसिपलों की पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि स्कूलों को नियमित प्रिंसिपल मिल सकें। संगठन ने यह भी मांग की कि प्रिंसिपलों की पदोन्नति के साथ-साथ मास्टर से लेक्चरर, लेक्चरर से हेडमास्टर, सीएचटी से बीपीईओ तथा प्राइमरी और सी एंड वी शिक्षकों से मास्टर कैडर तक की लंबित पदोन्नतियां भी जल्द पूरी की जाएं। इसके अलावा, सीधी भर्ती कोटे के तहत खाली पड़े पदों का जल्द विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की गई। डीटीएफ के अन्य पदाधिकारियों ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लंबित पदोन्नतियां और भर्तियां जल्द पूरी करने की अपील की।

