सावधान! ई-चालान की आड़ में whatsapp पर घूम रहे ''डिजिटल लुटेरे'', पुलिस ने वीडियो जारी कर दी चेतावनी

punjabkesari.in Monday, Jun 08, 2026 - 08:41 AM (IST)

लुधियाना(राज): महानगर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों को पकड़ने के लिए लगाए गए आधुनिक एआई कैमरों का अब साइबर ठगों ने अपनी काली कमाई का जरिया बना लिया है। शहर में जैसे-जैसे ई-चालान का खौफ बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर अपराधियों ने लोगों की जेबों पर डाका डालना शुरू कर दिया है। इस नए और बेहद खतरनाक ट्रेंड को देखते हुए लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। पुलिस ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर एक विशेष जागरूकता वीडियो जारी करके जनता को सीधे तौर पर सावधान किया है। इस वीडियो में पुलिस अधिकारी अमरिंदर सिंह ने इस पूरे स्कैम का पर्दाफाश करते हुए लोगों को चौकन्ना रहने की सख्त हिदायत दी है।

आपकी गाड़ी का चालान कटा है...
ठगों ने अब लोगों को जाल में फंसाने के लिए सीधे व्हाट्सएप का रुख किया है, जहां एक फर्जी एपीके फाइल के जरिए पूरा खेल रचा जा रहा है। आपके मोबाइल पर एक मैसेज आता है जिसमें दावा किया जाता है कि आपकी गाड़ी का चालान कटा है। इस चालान की डिटेल देखने या उसे भरने के बहाने एक फाइल अटैच की होती है, जिस पर आरटीओ ट्रैफिक चालान लिखा होता है। पुलिस ने साफ किया है कि यह कोई सरकारी मैसेज नहीं बल्कि एक खतरनाक स्मैशिंग स्कैम है। जैसे ही कोई नागरिक डर या जल्दबाजी में इस फाइल को अपने फोन में डाउनलोड या इंस्टॉल करता है, उसके मोबाइल का पूरा रिमोट कंट्रोल सीधे हैकर्स के हाथों में चला जाता है। इसके बाद पलक झपकते ही आपके फोन से बैंकिंग पासवर्ड और ओटीपी चोरी हो जाते हैं और चंद मिनटों के भीतर पूरा का पूरा बैंक खाता साफ हो जाता है।

ई-चालान परिवहन की आधिकारिक सरकारी वेबसाइट करें सर्च 
इस डिजिटल डकैती से बचने के लिए लुधियाना पुलिस ने जनता को एक सुरक्षित रास्ता भी दिखाया है। पुलिस का कहना है कि व्हाट्सएप पर आने वाले किसी भी लिंक या फाइल को छूने की कतई जरूरत नहीं है। अगर आपको वाकई अपने वाहन का चालान स्टेटस चेक करना है, तो खुद अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र पर जाएं और वहां ई-चालान परिवहन की आधिकारिक सरकारी वेबसाइट सर्च करें। इसके बाद गवर्नमेंट की असली वेबसाइट को ओपन करके वहां दिए गए व्हीकल नंबर के विकल्प को चुनें। अपने वाहन का नंबर और स्क्रीन पर दिखने वाला कैप्चा कोड दर्ज करके जैसे ही आप गेट डिटेल पर क्लिक करेंगे, आपकी स्क्रीन पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि आपकी गाड़ी का कोई असली चालान कटा भी है या नहीं।

साइबर सेल के इंचार्ज सतबीर सिंह ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि किसी भी अनजान मैसेज से डरने की जरूरत नहीं है और न ही हड़बड़ाहट में आकर अपने फोन में कोई अनजान ऐप डाउनलोड करें। सतर्कता ही इस ठगी का एकमात्र बचाव है। इसके अलावा अगर कोई अनजाने में इस ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना एक पल गंवाए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवानी चाहिए, ताकि समय रहते ठगे गए पैसों को ब्लॉक किया जा सके और अपराधियों पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।


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Content Writer

Vatika

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