अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए स्वतंत्र मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है ''आप'' सरकार : भारत भूषण आशु
punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 09:13 AM (IST)
लुधियाना(विक्की): पंजाब सरकार द्वारा पंजाब केसरी ग्रुप के खिलाफ की गई कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला करार दिया है। आशु ने कहा कि पंजाब सरकार पूरी तरह से बदले की राजनीति पर उतर आई है और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए स्वतंत्र मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब केसरी जैसे प्रतिष्ठित और निष्पक्ष मीडिया संस्थान, जिसने हमेशा समाज और जनता के हितों की बात की है, उसे इस तरह निशाना बनाना यह दर्शाता है कि सरकार अब आलोचना झेलने की शक्ति पूरी तरह खो चुकी है और तानाशाही के रास्ते पर चल रही है।
आशु ने आगे विस्तार से कहा कि मौजूदा सरकार सरकारी तंत्र और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर उन आवाजों को चुप कराना चाहती है जो जनता की समस्याओं और सरकार की कमियों को प्रमुखता से उजागर करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से प्रदेश में वर्तमान सरकार बनी है, तब से ही स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए माहौल खराब किया जा रहा है और जो भी संस्थान सरकार के आगे नहीं झुकता, उसे सरकारी कार्रवाई का डर दिखाकर प्रताड़ित किया जाता है। आशु के अनुसार, पंजाब केसरी पर की गई यह कार्रवाई केवल एक संस्थान पर हमला नहीं है, बल्कि यह उन लाखों पाठकों की आवाज को दबाने की कोशिश है जो सच जानने का हक रखते हैं।
पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में मीडिया और सरकार के बीच संवाद होना चाहिए, लेकिन मौजूदा सत्ताधारी दल केवल अपनी प्रशंसा सुनना चाहता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस तरह के दमनकारी और धक्केशाही वाले कदमों से सच्चाई को लंबे समय तक नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने मांग की कि सरकार को तुरंत ऐसी ओछी कार्रवाई रोक देनी चाहिए और राज्य में स्वतंत्र पत्रकारिता का सम्मान करना चाहिए। आशु ने यह भी साफ किया कि इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष और जनता एकजुट है और सरकार की इस तानाशाही के खिलाफ सड़क से लेकर विधानसभा तक हर स्तर पर संघर्ष तेज किया जाएगा।

