पंजाब में बिजली मीटर को लेकर बड़ा Action, हजारों उपभोक्ताओं के मीटर कार्यालयों में जमा
punjabkesari.in Friday, Jan 23, 2026 - 01:03 PM (IST)
चंडीगढ़ (मनप्रीत): किसान-मजदूर मोर्चा (KMM) भारत के आह्वान पर गुरुवार को पूरे पंजाब में बिजली निजीकरण के खिलाफ संघर्ष के दूसरे फेज को तेज करते हुए हजारों कंज्यूमर्स ने अपने घरों में लगे प्रीपेड मीटर निकालकर बिजली ऑफिसों में जमा कर दिए। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के स्टेट प्रेसिडेंट सुखविंदर सिंह सबरा और जनरल सेक्रेटरी राणा रणबीर सिंह की अगुवाई में हुए इस संघर्ष ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि बिजली और प्रीपेड मीटर का निजीकरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने ऐलान किया है कि वे लोगों के हितों के लिए गांवों में डटे हुए हैं और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल जैसे जनविरोधी फैसलों को लागू नहीं होने दिया जाएगा।
नेताओं ने कहा कि 10 दिसंबर, 2025 को शुरू हुए पहले फेज की सफलता के बाद इस मुहिम में फिर से बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस देश में सरकार 80 करोड़ लोगों को मुफ़्त या सस्ता राशन दे रही है, वहाँ महंगे रेट पर एडवांस पैसे देकर बिजली लेने की शर्त लोगों की आर्थिक हालत के लिए गेम चेंजर है। केंद्र और पंजाब सरकार पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नेताओं ने कहा कि ये मीटर लगाकर प्राइवेट कंपनियों के लिए रास्ता बनाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रीपेड की जगह पारंपरिक मैकेनिकल मीटर लगाए जाएं।
संगठन ने ऐलान किया कि अगर आने वाले बजट सेशन में इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल पेश किया गया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही, पंजाब सरकार द्वारा मीडिया की आवाज दबाने के खिलाफ 24 जनवरी को बठिंडा DC ऑफिस के सामने पत्रकार समुदाय द्वारा किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन में भी संगठन हिस्सा लेगा। इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 और दूसरी मांगों को लेकर पंजाब के मंत्रियों और MLA के घरों का घेराव किया जाएगा ताकि सरकार विधानसभा में उनके खिलाफ प्रस्ताव पास करने के लिए मजबूर हो सके।
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