2027 चुनाव से पहले पंजाब में BJP का मास्टरस्ट्रोक, पढ़ें केवल ढिल्लों का अब तक का सियासी सफर
punjabkesari.in Thursday, May 28, 2026 - 02:42 PM (IST)
बरनाला(विवेक सिंधवानी, रवी) : पंजाब की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हाईकमान ने एक बड़ा और रणनीतिक संगठनात्मक बदलाव करते हुए बरनाला के पूर्व विधायक और दिग्गज नेता केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार यह नियुक्ति भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सहमति से की गई है। हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया है कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा, जिससे पंजाब भाजपा में एक नए दौर की शुरुआत होने जा रही है।
सुनील जाखड़ की जगह अब 'सिख चेहरे' पर भरोसा
इस नियुक्ति के सियासी मायने बहुत गहरे हैं। पंजाब भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष सुनील जाखड़ का तीन साल का कार्यकाल आने वाले जुलाई महीने में समाप्त हो रहा है। जाखड़ का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही हाईकमान ने नए चेहरे का ऐलान करके सियासी हलकों को हैरान कर दिया है।
दरअसल पंजाब की भौगोलिक और सामाजिक स्थिति को देखते हुए पार्टी लंबे समय से सूबे में एक मजबूत सिख चेहरे को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रही थी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, संगठन मंत्री श्रीनिवासलू और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जैसे वरिष्ठ नेता लगातार इस बात की वकालत कर रहे थे कि प्रदेश इकाई की अगुवाई किसी प्रभावशाली सिख नेता के हाथों में होनी चाहिए। केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति के साथ हाईकमान ने इस रणनीति पर मुहर लगा दी है।
कैप्टन के करीबी और सफल कारोबारी हैं ढिल्लों
75 वर्षीय केवल सिंह ढिल्लों पंजाब की सियासत का एक जाना-पहचाना नाम हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं। जून 2022 में कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा में शामिल होने के बाद वे पार्टी में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
सियासत के साथ-साथ वे एक सफल और बड़े कारोबारी के रूप में भी जाने जाते हैं। वे 2007 से 2017 तक लगातार दो बार बरनाला से विधायक रह चुके हैं और उनके पास जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने और सियासी संगठन चलाने का लंबा अनुभव है।
2027 के चुनाव और कैडर नेटवर्क मजबूत करने की चुनौती
पंजाब में भाजपा इस वक्त अपने दम पर पैर पसारने की कोशिश कर रही है। ऐसे में केवल सिंह ढिल्लों के कंधों पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी पार्टी के कैडर नेटवर्क को मजबूत करने की होगी।
कैडर का विस्तार: गांवों और कस्बों में भाजपा के आधार को बढ़ाना
गुटबाजी खत्म करना: पुराने भाजपा नेताओं और दूसरी पार्टियों से आए नए नेताओं के बीच तालमेल बनाना।
चुनावी रणनीति: 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करना। भाजपा हाईकमान को उम्मीद है कि ढिल्लों का संगठनात्मक और प्रशासनिक अनुभव पार्टी को पंजाब में एक नई दिशा और ऊर्जा देगा।
सियासी हलकों में चर्चा
केवल सिंह ढिल्लों की इस ताजपोशी के बाद पंजाब भाजपा के आंतरिक हलकों में खुशी की लहर है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि एक सिख चेहरे के अध्यक्ष बनने से पार्टी को मालवा सहित पूरे पंजाब में अपनी छवि सुधारने और किसानी हलकों में पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। अब देखना यह होगा कि ढिल्लों अगले कुछ महीनों में पार्टी के आंतरिक ढांचे में क्या बदलाव करते हैं और 2027 की चुनौती से कैसे निपटते हैं।

