शहर का एंट्री प्वाइंट की बदहाली ने सुंदरता पर खड़े किए सवाल! अवैध कब्जों से घिरा इलाका
punjabkesari.in Friday, Jun 19, 2026 - 09:36 PM (IST)
दोराहा (विनायक): पंजाब को देश के अन्य राज्यों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण जी.टी. रोड से सटे दोराहा के मुख्य एंट्री प्वाइंट और व्यस्त लिंक रोड की दिन-प्रतिदिन बिगड़ती स्थिति ने शहर की सुंदरता और लोगों की सुरक्षा दोनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़कों और फुटपाथों पर बढ़ते अवैध कब्जे, दुकानों के बाहर रखा सामान, रेहड़ी-फड़ी वालों की बढ़ती संख्या और अव्यवस्थित खड़े वाहनों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।
दोराहा के मुख्य चौराहे से सटी लिंक रोड से प्रतिदिन हजारों वाहन और राहगीर गुजरते हैं, लेकिन सड़क के दोनों ओर हुए कब्जों के कारण वाहनों की आवाजाही के लिए उपलब्ध जगह लगातार कम होती जा रही है। कई स्थानों पर दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर सामान सजाकर रखा गया है, जबकि रेहड़ी-फड़ी वालों द्वारा भी सड़क किनारों पर स्थायी रूप से डेरा जमाया हुआ है। जिसके कारण पैदल चलने वालों को मजबूरन मुख्य सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना और अधिक बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के एंट्री प्वाइंट की सुंदरता बढ़ाने के बजाय अवैध कब्जों, कबाड़ के सामान और अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहनों ने पूरे इलाके की तस्वीर बिगाड़ कर रख दी है। बाहर से आने वाले लोगों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे शहर की छवि को ठेस पहुंच रही है।
एक ओर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान काटने के लिए पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन दूसरी ओर सड़कों और फुटपाथों पर लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जों के विरुद्ध कोई प्रभावी अभियान दिखाई नहीं दे रहा है। इसके कारण लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि जब आम लोगों पर नियमों के पालन के लिए सख्ती की जा सकती है तो सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
शहरवासियों का कहना है कि सड़कों और फुटपाथों पर अवैध कब्जे ट्रैफिक जाम का कारण बनने के साथ-साथ एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही में भी बाधा उत्पन्न करते हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर खुले बिजली मीटर बॉक्स और टूटी हुई तारें भी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं, खासकर बरसात के मौसम के दौरान यह खतरा और भी बढ़ जाता है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन, नगर परिषद, पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि शहर के एंट्री प्वाइंट और अन्य व्यस्त इलाकों का मौके पर निरीक्षण कर अवैध कब्जों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए, फुटपाथों को आम लोगों के लिए खाली करवाया जाए और यातायात को सुचारू बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले ही लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



