कोरोना टैस्ट: मामूली Testing लैब लगाकर लोगों से लाखों की ठगी

punjabkesari.in Saturday, Aug 29, 2020 - 12:35 PM (IST)

बठिंडा (विजय):  देश भर में कोरोना की महामारी चर्म पर है लोग जहां इससे जूझ रहे है ओर उन्हें जान बचाने की फिकर है वहीं कोरोना टैस्टिंग के नाम पर मामूली लैब लगाकर लूटने का धंधा भी जोरों पर है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके है कि कुछेक लेबोरटरी वाले बिना आई.सी.एम.आर. मशीन के लोगों के टैस्ट कर गलत रिपोर्ट दे रहे हैं जिससे मरीज की जान को खतरा भी पैदा हो रहा है। 

केस 1- ऐसा ही बठिंडा की अमरीक सिंह रोड स्थित वीर कालोनी में एक लेबोरटरी संचालक द्वारा खोली गई लैब में कोरोना टैस्ट के नाम पर लोगों को लूटा जा रहा है। वैसे तो ऐसी अनेको उदाहरण है परंतु उक्त लैब में ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया। करीब 2 दिन पहले शहर के एक बड़े व्यापारी के परिवारिक सदस्यों के उक्त लैब में टैस्ट किए और लैब संचालक द्वारा 60 हजार रुपए हथिया लिए गए, यहां तक कि आधे परिवार के  सदस्यो  ंकी रिपोर्ट नैगेटिव जबकि आधे की पॉजिटिव बताई गई। वहीं उक्त व्यापारी की हालत बिगडऩे लगी तो अगले दिन ही उसे सिविल अस्पताल में रैपिड टैस्ट के लिए ले जाया गया जहां उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। इतना ही नहीं बेहद नाजुक हालत में उक्त व्यापारी को चंडीगढ़ के एक बड़े अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उसकी जान बची।

केस 2-इसी लैब से एक और मामला सामने आया जहां गिलपत्ती निवासी एक व्यक्ति का टैस्ट करवाया गया जिसे पॉजिटिव बताया गया जिस कारण गांव में उसकी कोई छाया लेने को तैयार नहीं था ओर लोग उससे दूरी बनाने लगे। जब उसका सिविल अस्पताल से टैस्ट करवाया गया तो वह नैगेटिव निकला। उक्त व्यक्ति के पिता नत्था सिंह ने जब उस लैब से बात करनी चाही तो लैब मालिक ने कहा कि वह तो दिल्ली से टैस्ट करवाकर रिपोर्ट देते है इनमें उनका कोई दोष नहीं। इस पर उन्होंने वहां हंगामा खड़ा कर दिया तो लैब मालिक ने माफी मांगकर जान छुड़वाने की कोशिश की लेकिन नत्था सिंह ने इस संबघी सेहत विभाग को शिकायत कर दी। 

केस-3ः इतना ही नहीं एक बड़ी कंपनी के लगभग 2 दर्जन से अधिक लोगों के भी  टैस्ट  इसी लैब स ेहुए ओर गलत दी गई जिसे लेकर उक्त कंपनी के लोग गुस्से में है।

शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी : सिविल सर्जन 
इस मामले संबंधी जब सिविल सर्जन बठिंडा डा. अमरीक सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल में कोरोना के मुफ्त टैस्ट होते है उन्हें निजी लैब में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कोरोना के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे है शिकायत मिलने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कोरोना के दो टैस्ट जरूरी है जिनमें रैपिड टैस्ट व विडाल टैस्ट शामिल है लेकिन उक्त लैब में कोविड-19 आई.जी.जी. एैंटीबॉडी टैस्ट के नाम पर लूट का धंधा अपना रखा है जो लोगों को समझ नहीं आता और जनता फंसती चली जाती है। उन्होंने कहा कि कोरोना टैस्ट के लिए आई.सी.एम.आर. मशीन का होना जरूरी है जोकि केवल फरीदकोट में है वहीं से पूरे टैस्ट करवाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि उक्त फर्जी लैब द्वारा कोविड-19 आई.जी.जी. एैंटीबॉडी टैस्ट के नाम पर लूटा जा रहा है जबकि इस टैस्ट की जरूरत नहीं। 

फ्राड करने वाली लैबों को किया जाएगा सील  : जिलाधीश
जिलाधीश बठिंडा बी.श्रीनिवासन का कहना है कि जो लैब टैस्टिंग के नाम पर लोगों को लूटते है उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधीश का कहना है कि यह मामला उनके ध्यान में आया है जिस पर कार्रवाई आवश्य होगी। उनका कहना है कि इस संबंधी वह सिविल सर्जन से बात करेंगे व कोरोना टैस्ट संबंधी जो सरकार की गाईड लाईन है उस पर ही अमल किया जाएगा। जो लोग लैब के नाम पर फ्राड कर रहे है जांच के बाद उक्त लैब को सील भी कर दिया जाएगा। 


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