पंजाब पुलिस के गिरफ्तार कांस्टेबल को लेकर सनसनीखेज खुलासा
punjabkesari.in Monday, Oct 19, 2026 - 05:51 PM (IST)
अमृतसर (नीरज): पाकिस्तान से लगी 553 किलोमीटर लंबी सीमा पर फिरोजपुर, फाजिल्का, तरनतारन, अमृतसर और गुरदासपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में ड्रोन की आवाजाही रोकने और उन्हें पकड़ने के लिए पंजाब सरकार द्वारा तैनात ‘बाज आंख’ (एंटी ड्रोन सिस्टम) डोप टेस्ट में हेरोइन पॉजिटिव निकला है। जानकारी के मुताबिक, 15 किलो हेरोइन और हथियारों की खेप के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किए गए पंजाब पुलिस के कांस्टेबल करणबीर सिंह को हेरोइन की लत है, जिसका खुलासा NCB द्वारा शुरू की गई जांच में करणबीर के डोप टेस्ट से हुआ।
NCB ने जांच शुरू करने से पहले उक्त कर्मचारी का डोप टेस्ट कराया, जिसमें वह हेरोइन पॉजिटिव पाया गया। करणबीर काफी समय से हेरोइन ले रहा था और इसी को पूरा करने के लिए उसने एंटी ड्रोन सिस्टम विंग में ट्रांसफर करवा लिया और खाकी की आड़ में हेरोइन की बड़ी खेप का पता लगाने निकल पड़ा, लेकिन BSF सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर करणबीर BSF के जाल में फंस गया। फिलहाल, NCB टीम करणबीर के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए दिन-रात काम कर रही है और डिपार्टमेंट को इसमें काफी सफलता भी मिल रही है।
कई जगहों पर छापेमारी
NCB टीम BSF टीम के साथ करणबीर के कई ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। ज्वाइंट टीम ने करणबीर के गांव में सर्च ऑपरेशन भी चलाया है लेकिन अभी तक डिपार्टमेंट को कोई नई खेप नहीं मिली है। जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि करणबीर के साथ कोई और पुलिस अधिकारी या कर्मचारी शामिल है या नहीं। यह तो तय है कि करणबीर अकेला यह काम नहीं कर सकता। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि करणबीर हेरोइन की खेप कहां पहुंचाने वाला था।
शुरुआत में हेरोइन की लत, बाद में तस्करी
हेरोइन और हथियारों की तस्करी के मामले में आम तौर पर देखा गया है कि शुरुआत में हेरोइन तस्कर किसी व्यक्ति को अपने जाल में फंसाने के लिए पहले उसे हेरोइन का आदी बनाते हैं और धीरे-धीरे जब लत बढ़ जाती है, तो उससे हेरोइन और हथियारों की तस्करी शुरू कर देते हैं। कई मामलों में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किए गए तस्कर हेरोइन या दूसरे नशे के आदी होते हैं, जो नशे के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं।
कई बार हेरोइन की खेप के साथ पकड़े गए हैं सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी
पंजाब पुलिस के एक कांस्टेबल के हेरोइन की खेप के साथ गिरफ्तार होने के बाद, जहां पूरे बॉर्डर रेंज में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं, वहीं यह भी सच है कि तस्करों के साथ मिलीभगत में न सिर्फ राज्य एजेंसियां बल्कि केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी भी कई बार गिरफ्तार हो चुके हैं। DRI इंस्पेक्टर मंजीत सिंह और उनके साथी कस्टम डिपार्टमेंट के एक इंस्पेक्टर हेरोइन तस्करी के मामले में पकड़े जा चुके हैं। पंजाब पुलिस के SHO शीशपाल सिंह और छेहरटा थाने के SHO को हेरोइन तस्करों के साथ मिलीभगत के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। शीशपाल ने पाकिस्तान से आई खेप को नष्ट भी कर दिया था। पिछले कुछ सालों में BSF के कुछ कर्मचारी भी पकड़े गए हैं। कुछ महीने पहले NCB ने भी एक कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया था जो हेरोइन तस्करों से मिलीभगत कर रहा था। CID डिपार्टमेंट का एक अधिकारी भी तस्करों से डील करने के मामले में गिरफ्तार हुआ है, जो फिलहाल बेल पर है।
अमृतसर बॉर्डर के ‘बाज अख’ पर भी कड़ी नजर
तरनतारन जिले में ‘बाज अख’ के एक कर्मचारी के हेरोइन के साथ गिरफ्तार होने के बाद अमृतसर बॉर्डर पर तैनात ‘बाज अख’ पर भी कड़ी नज़र रखी जा रही है। अमृतसर का लगभग 153 km लंबा बॉर्डर पाकिस्तान से लगता है और यहां केंद्र और राज्य सरकारों ने एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियां भी इनमें तैनात कर्मचारियों पर कड़ी नजर रख रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि कुछ कर्मचारी लंबे समय से इसमें तैनात नहीं हैं।
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