किसान आंदोलन: फगवाड़ा बनेगा सिंघु बॉर्डर, सरकार ने नहीं मानी मांगें तो हाईवे पर गाढ़े जाएंगे टेंट

punjabkesari.in Friday, Aug 12, 2022 - 09:53 AM (IST)

फगवाड़ा(जलोटा): भारतीय किसान यूनियन दोआबा के प्रदेश अध्यक्ष मंजीत राय के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने एक मिल की ओर करोड़ों रुपये के बकाये के मुद्दे पर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या एक पर आज लगातार चौथे दिन धरना प्रदर्शन जारी रखा है।  इस मध्य किसानों द्वारा की गई पूर्व घोषणा के अनुरूप राखी के पवित्र पर्व को देखते हुए ट्रैफिक जाम नहीं लगाया गया था।

पत्रकारों से बातचीत में किसान नेता मंजीत राय सहित अन्य किसान नेताओं ने दो टूक कहा है कि वह राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1 पर अनिश्चितकाल के लिए अपना धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे और यह क्रम शूगर मिल से उनका करोड़ों रुपये का बकाया मिलने तक जारी रहेगा। किसानों ने कहा कि इस आंदोलन में पंजाब सरकार और मिल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन भी होगें । किसानों ने ऐलान किया है कि फगवाड़ा 12 अगस्त से सिंघु बॉर्डर बनेगा जहां सिंघु बॉर्डर की तरह दिन और रात में रुकने, खाने और सोने की स्थायी व्यवस्था होगी। नैश्नल हाइवे नंबर: 1 पर हर जगह ट्रैक्टर ट्रालियां दिखाई देगीं।  उन्होंने कहा कि 12 अगस्त को फगवाड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1 की दोनों सड़कों के साथ-साथ फगवाड़ा की सर्विस सड़कों पर भी किसानों द्वारा स्थायी ट्रैफिक जाम लगाया जाएगा और इसी तरह किसान आंदोलन आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। किसानों ने सीधे पंजाब सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भगवंत मान सरकार मामले को लेकर टाल मटोल की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करें कि किसानों को उनका करोड़ों रुपये का बकाया मिले और इसे लेकर सरकारी स्तर पर हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए ताकि किसानों को उनकी गाढ़ी कमाई की फसल का पैसा मिले।

लेकिन पंजाब सरकार किसी भी तहर से मामले को सुलझाने की कोई बड़ी कोशिश ही नहीं कर रही है। वहीं आज रक्षाबंधन के पावन पर्व के मौके पर किसानों ने फगवाड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर एक सहित किसी भी स्थान पर यातायात बाधित नहीं किया, जिससे लोगों की आवाजाही में भारी राहत मिली। पंजाब केसरी से बातचीत करते हुए लोगों ने कहा कि पंजाब की भगवंत मान सरकार किसानों के मुद्दों को प्राथमिकता पर लेकर हर तरह से इसके समाधान के लिए बड़ा प्रयास करे। लोगों ने रोष भरे लहजे में कहा कि अफसोस इस बात का है कि पंजाब की ब्यूरोक्रेसी इस गंभीर मामले में किसी भी तरह का सहयोग करती नहीं दिख रही है और न ही ऐसा कोई प्रयास होता दिखाई दे रहा है जिसे  देखते हुए यह कहा जाए कि पंजाब सरकार वाकई किसानों के इस मुद्दे को स्थायी रूप से सुलझाना चाहती है। हालांकि कपूरथला जिले के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का कहना है कि वे किसानों के मुद्दे को हल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और उन्होनें उम्मीद जताई है कि जल्द ही यह सारा मामला सुलझ जाएगा।

 


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Vatika

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