BJP पंजाब के पूर्व प्रधान की कोठी घेरने पहुंचे किसान, पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोका (देखें तस्वीरें)

punjabkesari.in Saturday, Jun 05, 2021 - 02:56 PM (IST)

लुधियाना(सलूजा) : संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर आज भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेता गुरप्रीत सिंह नूरपुरा के नेतृत्व में किसानो ने क्रांति दिवस मनाते हुए भाजपा पंजाब के पुर्व प्रधान प्रो. रजिंदर भंडारी की रिहायश का घेराव किया। किसानों ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बीच कृषि बिलो की कापियां फूंक कर अपनी नाराजगी का इजहार किया। किसान नेता नूरपुरा ने कहा कि जिन किसानो के लिए मोदी सरकार ने यह कृषि बिल लागू किए है,जब उनको यह मंजूर नहीं है तों फिर क्यों उन पर जबरी थोपे जा रहे है। 
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उन्होंने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि आज भी केन्द्रीय अनाज भंडार मेें पंजाब की किसानी का अहम योगदान है। अनाज के क्षेत्र में भारत देश को आत्म निर्भर बनाने वाले पंजाब के किसान व पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक ही है। उन्होंने कहा कि जब से किसान विरोधी बिलो को रद्द करवाने को लेकर दिल्लीं में अंदोलन शुरू हुआ है,तब से लेकर आज तक कई किसानो की मौत हो चुकी है। नूरपुरा ने कहा कि मोदी सरकार ने कोरोना से लेकर हर चाल चल कर किसानी आंदोलन को नाकाम करने की कोशिश की। लेकिन हर साजिश संयुक्त किसान मोर्चे की सुझ बूझ से फेल हो गई। 

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उन्होंने यह भी दावा किया कि मोर्चे पर डटे किसानो के हौसले बुलंद है। सत्ताधारी सरकारों को यह बात समझ लेनी चाहिए कि आंदोलनकारी किसानो का यह आंदोलन जन आंदोलन का रूप धारण कर चुका है। जब तक मोदी सरकार किसान विरोधी बिलो को वापिस लेने का ऐलान नहीं कर देती,तब तक एक भी किसान मोर्चे से पीछे नहीं हटेगा। चाहे इसके लिए कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। 

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Vatika

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