फिरोजपुर रैली: भाजपा के सोशल मीडिया ग्रुप्स में आए एक गलत संदेश ने वर्कर को कर दिया “कंफ्यूज”

punjabkesari.in Friday, Jan 07, 2022 - 12:36 PM (IST)

जालंधर(अनिल पाहवा) : बुधवार को पंजाब के फिरोजपुर में भारतीय जनता पार्टी की रैली में जा रहे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जो घटनाक्रम हुआ, उसका पूरे देश में न केवल विरोध हो रहा है बल्कि इस मामले में पंजाब सरकार पर भी सवालों की बौछार हो रही है। राज्य में प्रधानमंत्री और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गहरी पैंठ वाले इतने बड़े नेता की जान पर जो खतरा खड़ा किया गया, वह असहनीय है, जिसे लेकर देश के गृह मंत्रालय की तरफ से राज्य से रिपोर्ट देने को कहा गया है। यह सही में एक गंभीर बात है और इस तरह की लापरवाही कभी देश के इतिहास में देखने को नहीं मिली। इस सबके बीच भाजपा की रैली भी सवालों के घेरे में आने लगी है। रैली स्थल को लेकर पहले ही राज्य में एक फुसफुसाहट चल रही है। खुद भाजपा वर्कर भी रैली के आयोजन तथा आयोजकों पर सवाल खड़े कर रहा है।

ट्रांसफर नहीं की गई जिम्मेदारियां
पंजाब के फिरोजपुर में भाजपा की रैली के दौरान पूरा तामझाम कुछ नेताओं के हाथ में ही रहा। इन भाजपा नेताओं ने जिम्मेदारियों को आगे नेताओं पर ट्रांसफर करने में कोताही बरती, जिसके कारण रैली स्थल पर अव्यवस्था का आलम रहा। बेशक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रैली में नहीं पहुंचे, लेकिन अगर कहीं वह इस रैली में आ भी जाते तो शायद पंजाब भाजपा के इस रैली के आयोजकों की तैयारियों को देखकर उन्हें भी गुस्सा आता। जिम्मेदारियां शिफ्ट न किए जाने के कारण नेता खुद को दरकिनार समझने लगे तथा वे पूरी दिलचस्पी इस रैली के लिए नहीं दिखा पाए।

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जिनकी डयूटी वे भी रहे परेशान
फिरोजपुर की रैली में भाजपा के रैली आयोजकों ने वैसे तो आगे डयूटी देने में लापरवाही बरती लेकिन जिन लोगों की डयूटी लगाई भी गई, उन्हें भी एक रात पहले रैली स्थल के पास आराम करने के लिए जगह नहीं मिली। कई नेता तो रात तक भटकते रहे। यह भी बताया जा रहा है कि पंजाब भाजपा के एक बड़े नेता के कुछ मीडिया दोस्तों को जरूर वी.आई.पी. ट्रीटमैंट मिला, लेकिन बाकी लोग परेशानी के आलम में ही रहे।

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भेजा गया गलत संदेश
जो रैली प्रधानमंत्री की तरफ से पंजाब के लिए तोहफों की बौछार लेकर आने वाली थी, उस रैली में पहुंचने के लिए आम वर्कर की परेशानी को नजरअंदाज किया गया। रैली से एक रात पहले पंजाब भाजपा के अलग-अलग ग्रुप्स में यह संदेश भेजा गया कि किसानों से बात हो गई है तथा वे प्रधानमंत्री मोदी की रैली में जाने वाली किसी भी बस को नहीं रोकेंगे। पंजाब केसरी के पास ऐसे कई भाजपा ग्रुप्स के स्क्रीन शॉट्स मौजूद हैं, जिसमें वर्कर को यह संदेश दिया गया। जबकि दिलचस्प बात यह है कि एक शाम पहले किसानों के साथ हुई बैठक में किसानों ने धरना उठाने से मना कर दिया था। ऐसे में आम वर्कर को फिर किस कारण से संदेश भेजे गए तथा उन्हें परेशान होने के लिए छोड़ दिया गया। यही नहीं रैली स्थल पर जो मंच बनाया गया था, वहां पर बारिश से बचाव के लिए बकायदा रेनप्रूफ शैडिंग की गई थी, लेकिन जहां पर वर्कर ने बैठना था, वहां पर खुला आसमान था। तीन दिन पहले से पंजाब में बारिश की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन आयोजकों ने आम वर्कर जो पार्टी की बैकबोन है, के बैठने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया। वर्कर को घर से आने से लेकर रैली स्थल पर पहुंचने तक सिर्फ और सिर्फ भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया।

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भाजपा ने बनाए सैल्फ वी.आई.पी. मेहमान
रैली को लेकर एक और चर्चा सामने आ रही है जिसमें इस बात की जानकारी मिली है कि रैली आयोजकों में से एक नेता जी ने वी.आई.पी. कार्ड तैयार कर दिए और वही कार्ड लोगों को भी सौंप दिए। इन वी.आई.पी. आई.डी. कार्ड पर प्रधानमंत्री की फोटो के साथ पंजाब के भाजपा अध्यक्ष की भी फोटो लगाई गई थी। भाजपा के चुनाव चिन्ह के साथ रैली का दिन लिखा गया था। इस कार्ड के सबसे ऊपर 'वी.आई.पी. पास' अंकित किया गया था। इन आयोजकों ने इस पास के धारकों को अगली सीटों पर बिठाने का प्रबंध किया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे इतने बड़े नेता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिरोजपुर प्रशासन ने इन पास को रद्द कर दिया तथा पासधारकों को पीछे की कुर्सी पर बिठाया। बड़ी लापरवाही यह है कि आखिर बिना प्रशासन की अनुमति के इतने बड़े नेता की रैली में भाजपा ने अपने स्तर पर ही वी.आई.पी. कार्ड कैसे बना डाले।

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राणा सोढी की व्यवस्था रही विफल
हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राणा सोढी के जिले में पार्टी ने रैली रखी थी। बताया जा रहा है कि भाजपा को राणा सोढी ने बकायदा भीड़ इकट्ठी करने के लिए बड़ी जिम्मेदारी दी थी। सोढी ने भी इस जिम्मेदारी को बखूबी से निभाने का वायदा किया था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। कहा तो यह भी जा रहा है कि किसानों ने फिरोजपुर से बाहर से आने वाले रास्ते बंद कर रखे थे, लेकिन फिरोजपुर के अंदर के सारे रास्ते खुले थे। फिर भी स्थानीय समर्थकों को भाजपा या पूर्व कांग्रेस के नेता रैली स्थल तक नहीं पहुंचा सके, जोकि शायद भाजपा की पंजाब की राजनीति में कभी नहीं हुआ होगा।

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Content Writer

Sunita sarangal

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