LPG संकट से बढ़ी परेशानी, एजेंसियों पर फूटा लोगों का गुस्सा
punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 10:28 AM (IST)
लुधियाना (खुराना): अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से ईरान सहित अन्य खाड़ी देशों पर किए गए जानलेवा हमले के करीब 70 दिन भी जाने के बाद भी महानगर की अधिकतर गैस एजेंसियों पर रसोई गैस की सप्लाई का काम पूरी तरह से पटरी पर वापस नहीं लौटा है। हालात यह बने हुए हैं कि भारत पेट्रोलियम और इंडेन गैस एजेंसियों से संबंधित अधिकतर गैस एजेंसियों पर घरेलू गैस की सप्लाई नहीं मिलने के कारण वीडियो को लोगों की जली कटी बातें सुननी पड़ रही है।
गैस एजेंसियों के कार्यालय पर लोगों की लगने वाली भीड़ घरेलू गैस सिलेंडर सप्लाई नहीं मिलने के कारण डीलरो और उनके स्टाफ के साथ बहसबाजी करने के सहित ताने कस रही है जिसे लेकर कई बार बहस बाजी होने के कारण माहौल तनावपूर्ण बनता हुआ बताया जा रहा है। इसे लेकर गैस एजेंसी के डीलरों द्वारा समय-समय पर भारत गैस बी.पी.सी और इंडेन गैस आई.ओ.सी.एल कंपनी के अधिकारियों को मामले संबंधी अवगत करवाने सहित कई बार ई.मेल भेजी गई है कि एजेंसियों को पर्याप्त मात्रा में डिमांड के मुताबिक गैस सिलेंडरों की सप्लाई भेजी जाए लेकिन बावजूद इसके गैस कंपनियों के अधिकारियों के सिर पर जूं तक नहीं रेंग रही है। मानों जैसे गैस कंपनियो के अधिकारियों ने डीलरों और आम लोगों को मरने के लिए उनके हालातों पर छोड़ दिया हो हालात इस कदर बने हुए हैं कि इंडेन गैस कंपनी के सेल्स अधिकारी गौरव जोशी आम लोगों की बात छोड़ो तो डीलरो तक के फोन उठाना मुनासिब नहीं समझते हैं। वहीं भारत गैस कंपनी की टी.एम मैडम माया को भी दिलों की लगातार शिकायतें मिल रही है।
नाम न छापने की शर्त में कुछ गैस एजेंसियों के डिलीवरी में बताया कि गैस एजेंसियों को कई- कई दिनों तक सिलेंडरो की सप्लाई नहीं मिल रही है जिसके कारण गैस एजेंसियों के कार्यालयों एवं गोदामों पर सिलेंडर भरवाने के लिए लोगों की भारी भीड़ लग रही है और माल नहीं होने की सूरत में डीलर लोगों के हाथ पांव जोड़ रहे हैं जबकि मुसीबत में फंसे लोग डीलरों पर अपना गुस्सा निकाल कर डीलरों और स्टाफ को निशाना बना रहे हैं।
वहीं दूसरी और जिले के अधिकतर पेट्रोल पंप भी पेट्रोल और डीजल नहीं मिलने की स्थिति में लगातार ड्राई हो रहे हैं। मामले संबंधी जानकारी देते हुए लुधियाना पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारियो ने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों का इस गंभीर मामले पर नजरिया बिल्कुल लापरवाही भरा बना हुआ है और बार-बार कहने के बावजूद डीलरो द्वारा पेट्रोल और डीजल की डिमांड के लिए भेजे गए इंडेंट स्वीकार नहीं किया जा रहे हैं जो कि सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा देश भर में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं होने संबंधी किए जा रहे दावों को ठेंगा दिखाने का गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि इससे पहले पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा अधिकतर पेट्रोल पंपों पर उधारी पर माल भेजा जा रहा था जबकि मौजूदा समय दौरान एडवांस में पेमेंट जमा करवाने के बाद भी डीलरों को तेल की सप्लाई नहीं की जा रही है। इस कारण हालत लगातार बद से बदकर होते जा रहे हैं और डीलरों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है उन्होंने कहा सीधे लफ्जों में तेल कंपनियों के अधिकारी केंद्र सरकार की आम जनता में किरकिरी करने में लगे हुए हैं
घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 2200 रु.से अधिक का अंतर
अब अगर बात की जाए 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों की तो सरकार द्वारा सिलेंडर की कीमत 940 रु. रखी गई है जबकि 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 3154 रु. के करीब बनी हुई है। सीधे लफ्जों में कहा जाए तो कमर्शियल घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 2200 रु. से अधिक का बड़ा अंतर है। काबिले गौर है कि केंद्र सरकार द्वारा गत 1 मई को कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 993 रु. की भारी बढ़ोतरी की गई है जबकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि बाजार में कमर्शियल गैस सिलेंडरों का सैलाब आ गया है जबकि घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत लगातार बनी हुई है। अब ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने के बाद सरकार द्वारा फिलहाल पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी तो नहीं की गई है लेकिन पेट्रोलियम और गैस एजेंसियों के डीलरों को माल पूरा नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में गुस्से में भड़के पेट्रोलियम कंपनियों और गैस एजेंसियों के डीलरों द्वारा अधिकारियों को तेल और गैस की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी करने का सुझाव देते हुए डीलरो माल पुरा देने की वकालत की जा रही है ताकि उनका कारोबार प्रभावित होने से बच सके।
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