सरकारी और निजी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी, अवहेलना करने पर होगी सख्त कार्रवाई
punjabkesari.in Wednesday, Mar 04, 2026 - 11:55 AM (IST)
अमृतसर (दलजीत): जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और अनुशासन को लेकर शिक्षा विभाग ने गंभीर रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी) राजेश शर्मा द्वारा अमृतसर जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को विद्यार्थियों की सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करने संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह पत्र सभी स्कूल मुखियों, मैनेजमेंट कमेटियों और प्रिंसीपलों को भेजा गया है, जिसमें विद्यार्थियों की भलाई के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेशों में कहा गया है कि स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की सुरक्षा स्कूल प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। स्कूल परिसर में बिना अनुमति किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मुख्य गेट पर सुरक्षा प्रबंध मजबूत करें और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का रिकॉर्ड रखें। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि छुट्टी के समय विद्यार्थियों को गेट के बाहर बिना निगरानी के न जाने दिया जाए। छोटे बच्चों को केवल उनके माता-पिता को ही सौंपा जाए। यदि कोई विद्यार्थी स्वयं घर जाता है तो उसके लिए अभिभावकों की लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
स्कूल बसों और परिवहन व्यवस्था संबंधी भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक स्कूल यह सुनिश्चित करे कि बसों में सुरक्षा मानकों का पालन हो, ड्राइवर और कंडक्टर का पूरा सत्यापन किया गया हो व वाहनों की समय-समय पर तकनीकी जांच करवाई जाए। बच्चों की सुरक्षा के लिए बसों में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने और जी.पी.एस. प्रणाली लागू करने की भी सिफारिश की गई है।
दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि स्कूल परिसर में किसी भी प्रकार की मारपीट, बदमाशी या दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई घटना होती है तो उसकी तुरंत सूचना अभिभावकों और संबंधित अधिकारियों को दी जाए। स्कूल प्रबंधन को विद्यार्थियों को अनुशासन और नैतिक मूल्यों के प्रति समय-समय पर जागरूक करने के लिए भी कहा गया है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि किसी स्कूल द्वारा इन आदेशों की अवहेलना की गई तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
समय-समय पर मॉक ड्रिल करवाने के निर्देश
इसके अतिरिक्त स्कूलों को अग्नि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाने और समय-समय पर मॉक ड्रिल करवाने के निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए शिक्षकों और स्टाफ को ट्रेनिंग करने पर भी जोर दिया गया है। स्कूलों में स्वच्छता और स्वास्थ्य मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूल प्रमुखों से अपील की है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करते हुए विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण तैयार करें। उन्होंने कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ सुरक्षित माहौल भी मिले।
जिले के स्कूलों में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा शुरू
पत्र जारी होने के बाद जिले के स्कूलों में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा शुरू हो गई है। कई स्कूलों ने तुरंत प्रभाव से गेट प्रबंधन मजबूत कर दिया है और विजिटर रजिस्टर अनिवार्य कर दिया है। अभिभावकों ने भी इस कदम की सराहना की है क्योंकि यह उनके बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। कुल मिलाकर जिला शिक्षा अधिकारी अमृतसर द्वारा जारी ये दिशा-निर्देश स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। उम्मीद है कि सभी स्कूल इन आदेशों का गंभीरता से पालन करेंगे और विद्यार्थियों की भलाई को प्राथमिकता देंगे।
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