लुधियाना: ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब में फायरिंग करने वाले शूटर की पुलिस कस्टडी में मौ/त
punjabkesari.in Tuesday, Nov 03, 2026 - 11:51 AM (IST)
लुधियाना (राज): ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब (गांव राजोआणा कलां) में मुख्य सेवादार संत बाबा बलदेव सिंह पर जानलेवा फायरिंग करने के आरोप में गिरफ्तार मुख्य शूटर राज सिंह उर्फ राजू की सोमवार देर रात पुलिस कस्टडी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ के बीच अचानक सीने में दर्द और ब्लड प्रेशर कम होने के बाद उसे अस्पतालों में ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने प्राथमिक तौर पर मौत की वजह हार्ट अटैक (दिल का दौरा) बताई है। हालांकि, कस्टडी में मौत का मामला होने के चलते न्यायिक नियमों के अनुसार विस्तृत पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा होगा।सूत्रों के अनुसार, सीआईए और स्थानीय पुलिस की टीमें आरोपी राज सिंह उर्फ राजू (निवासी गांव नूरपुर माछीवाड़ा, फिरोजपुर) से फायरिंग की साजिश और विदेशी संपर्कों को लेकर गहन पूछताछ कर रही थीं।
थाना सुधार के एसएचओ (SHO) रविंदरपाल सिंह ने बताया कि रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) अत्यधिक कम होने की शिकायत मिलते ही पुलिस टीम बिना कोई देरी किए उसे तुरंत सुधार स्थित सरकारी और निजी अस्पतालों में प्राथमिक उपचार के लिए ले गई। वहां उसकी हालत में सुधार न होने और स्थिति नाजुक होते देख डॉक्टरों ने उसे लुधियाना के ग्लोबल हार्ट अस्पताल रेफर कर दिया। लुधियाना ले जाने पर डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। एसएचओ ने स्पष्ट किया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

गौरतलब है कि यह वारदात 28 अक्टूबर 2026 की तड़के करीब 3:15 बजे सामने आई थी। सुधार के अंतर्गत आते गांव राजोआणा कलां स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब में मोटरसाइकिल सवार दो नकाबपोश शूटर पहुंचे थे। गुरुद्वारे के हेड ग्रंथी के अनुसार, आरोपियों ने पहले तड़के माथा टेकने का बहाना बनाया और फिर सीधे मुख्य सेवादार संत बाबा बलदेव सिंह के रिहायशी कमरे की ओर रुख किया। हमलावरों ने बाबा बलदेव सिंह को निशाना बनाते हुए कमरे के दरवाजे पर सीधी गोलियां बरसा दीं। एक गोली शीशे और लकड़ी के दरवाजे को चीरती हुई सीधे अंदर दीवार में जा धंसी। उस समय बाबा बलदेव सिंह कमरे के भीतर बाथरूम में स्नान कर रहे थे, जिसके चलते वे बाल-बाल बच गए। वारदात को अंजाम देकर हमलावर बाइक पर सवार होकर फरार हो गए थे।
विदेशी नंबरों से धमकियां और रंगदारी का कनेक्शन
पुलिस की तकनीकी जांच में सामने आया था कि वारदात से पहले संत बाबा बलदेव सिंह को विदेशी इंटरनेट वर्चुअल नंबरों से जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं और भारी रंगदारी मांगी गई थी। मांग पूरी न होने पर विदेश में बैठे हैंडलरों ने बाबा की गतिविधियों और दिनचर्या पर पूरी रेकी करवाई और शूटरों को हथियार मुहैया करवाकर वारदात को अंजाम देने की साजिश रची थी।
200 किलोमीटर के सीसीटीवी खंगालकर फिरोजपुर से दबोचा था शूटर
वारदात के बाद लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए करीब 200 किलोमीटर के लंबे दायरे में लगे सैकड़ों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की रिकॉर्डिंग, साइबर सेल और खुफिया इनपुट के जरिए शूटरों का रूट ट्रेस किया था। पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फिरोजपुर में रेड कर राज सिंह उर्फ राजू को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा वारदात में शामिल गुरदासपुर के दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। अब मुख्य शूटर की कस्टडी में मौत के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप है और मामले में कानूनी व न्यायिक प्रक्रिया के तहत अगली कार्रवाई की जा रही है।
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