POCSO केस में अकाली दल बादल के हलका इंचार्ज जसकरण देओल को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, पढ़ें...
punjabkesari.in Friday, May 29, 2026 - 08:46 PM (IST)
लुधियाना (हितेश): शिरोमणि अकाली दल (बादल) हलका दाखा इंचार्ज और मामले में आरोपी जसकरण सिंह देओल, जिन पर मोहाली में एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण का आरोप है, को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पीड़ित लड़की के पिता परमिंदर सिंह बिरमी ने बताया कि कोर्ट ने जसकरण देओल की हाईकोर्ट में दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने और उनके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की गई थी।
जसकरण देओल ने खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए माननीय हाईकोर्ट के सामने हर मुमकिन दलील और अपना केस पेश किया। मामले की डिटेल में सुनवाई के बाद माननीय हाई कोर्ट ने जसकरनजीत सिंह देओल की पिटीशन खारिज कर दी और FIR में दखल देने से साफ मना कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि यह मामला मोहाली के पुलिस स्टेशन मटौर में दर्ज केस नंबर 73 तारीख 13.05.2026 से जुड़ा है, जिसमें शिरोमणि अकाली दल (बादल) के हलका दाखा इंचार्ज जसकरन सिंह देओल के खिलाफ इंडियन पीनल कोड और POCSO एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।
पीड़ित लड़की के पिता परमिंदर सिंह बिरमी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से अकाली दल से जुड़े कुछ नेता इस केस को “झूठी रिपोर्ट”, “केस खारिज” और “आरोपियों को राहत” के तौर पर पेश कर रहे थे, लेकिन हाईकोर्ट के ताजा फैसले ने इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परमिंदर सिंह ने कहा कि अगर केस पहले से ही झूठा था या केस खारिज हो चुका था, तो फिर हाईकोर्ट को FIR रद्द करने की अर्जी क्यों खारिज करनी पड़ी? उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद अब उन तथाकथित और लोगों को भी जवाब मिलना चाहिए जो लगातार पब्लिकली इस केस को गलत और खत्म बता रहे थे। परमिंदर सिंह ने पंजाब सरकार, पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन और जांच एजेंसियों से मांग की कि आरोपी जसकरण देओल को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और केस की निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी राजनीतिक दबाव के जांच की जाए ताकि पीड़ित लड़की को न्याय मिल सके।
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