पंजाब में आधे दाम में ''मकान बिकाऊ'', घर-घर लगे पोस्टर, मजबूर होकर लोगों ने उठाया कदम
punjabkesari.in Monday, Jun 15, 2026 - 11:16 AM (IST)
फरीदकोट (जगतार सिंह) : पंजाब सरकार द्वारा प्रदेश में नशे को जड़ से खत्म करने के लिए 'नशे के खिलाफ युद्ध मुहिम' चलाई जा रही है, जिसके तहत आए दिन नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सरकार का कहना है कि नशे पर बड़ी मात्रा में लगाम लगी है, मगर फरीदकोट जिले के भीतर इसका असर सीमित नजर आ रहा है। फरीदकोट जिले के हल्का कोटकपूरा के राम बस्ती में रहने वाले लोगों ने बताया कि उनके मोहल्ले में रहने वाले दो सज्जन (भ्राता) पर कथित रूप से नशा बेचने के आरोप हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ये दोनों मोहल्ले में नशा बेचते हैं, मगर पुलिस-प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि जब भी वे इन्हें नशा बेचने से रोकते हैं तो ये कथित रूप से गुंडागर्दी करते हैं। गावंवालों ने आरोप लगाया कि जो लोग कथित नशा तस्करी करते हैं, वे मोहल्ले के गुरुद्वारे साहिब की आड़ लेकर यह कार्य करते हैं और अपने गुरु साहिब के बाणे को ढाल बनाकर उपयोग करते हैं। दूसरी तरफ पुलिस-प्रशासन इस मामले को एक सामान्य आपसी लड़ाई-झगड़े के रूप में देख रहा है।
इस पूरे मामले के बारे में बात करते हुए मोहल्लेवासियों ने कहा कि उनके मोहल्ले में दो सज्जन हैं जो कथित नशा तस्करी करते हैं। उन्होंने बताया कि मोहल्ले का कोई भी युवक नशा नहीं करता बाहर से लोग इनसे नशा खरीदने आते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी मोहल्ले वाला इन्हें रोकता है तो वे गुंडागर्दी करते हैं। मोहल्लेवासियों ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से अपने घरों के बाहर "मकान बिकाऊ है" के पोस्टर लगाए हैं, किसी ने जबरन नहीं लगाए। गांववालों ने बताया कि कल भी ये पोस्टर लगाए गए थे जिन्हें पुलिस ने यह कहकर उतारा था कि वह आज दोपहर 12 बजे तक कथित नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करेगी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए अब उन्होंने फिर से पोस्टर लगा दिए हैं। और यदि पुलिस ने अभी भी कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्हें मजबूरन अपनी मेहनत की कमाई से बने मकान आधे दाम पर बेचकर जाना पड़ेगा।
मोहल्ले के निवासी
जब इस पूरे मामले पर DSP कोटकपूरा संजीव कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि यह मामला दो पक्षों के आपसी संघर्ष का मामला है। संबंधित दोनों पक्षों की ओर से भी पुलिस के पास शिकायतें आईं थीं और पुलिस ने दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर IPC की धारा 323 के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी और दोनों पक्षों को कल जमानत करवाई जाने के लिए बुलाया गया था। जबकि एक पक्ष पुलिस के पास पहुंच गया था, दूसरी तरफ उस पोस्टर लगाने वाले ने विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस को लंबे समय से इस इलाके से नशा तस्करी संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी, तो वह कैसे मान लें कि यहां नशा तस्करी हो रही है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर इस मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

