‘नो वर्क’ जारी, LADC नीति के विरोध में पंजाब के वकीलों का आंदोलन तेज, शुरू की भूख हड़ताल

punjabkesari.in Tuesday, Jul 21, 2026 - 10:57 AM (IST)

लुधियाना (मेहरा): लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) नीति के विरोध में पंजाब बार एसोसिएशनों की जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) के आह्वान पर अधिवक्ताओं का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। सीजेएम कोर्ट के नजदीक चैम्बर काम्प्लेक्स में अधिवक्ताओं ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी, जबकि ‘नो वर्क’ का आह्वान भी पूरी तरह प्रभावी रहा।

‘नो वर्क’ के चलते जिला अदालतों का अदालती कामकाज ठप्प होकर रह गया है और अधिकांश मामलों की सुनवाई स्थगित करनी पड़ रही है। अदालत परिसर में सन्नाटा पसरा हुया है,जबकि बड़ी संख्या में अधिवक्ता धरने पर बैठे रहे और LADC नीति वापस लेने की मांग को लेकर नारेबाजी की।

लुधियाना में मंगलवार से शुरू हुई क्रमिक भूख हड़ताल के पहले दिन डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के प्रधान विपिन सग्गर, रूपिला मोहिनी, गुरबख्शिश बेदी, चरणजीत सेखों, हरसिमरत कौर तथा नरेंद्र आदिया भूख हड़ताल पर बैठे। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर उनका समर्थन किया और आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

भूख हड़ताल में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की भागीदारी रही। आंदोलन के दौरान पूरा वकील समुदाय एकजुट दिखाई दिया और सभी बार सदस्यों ने संयुक्त कार्रवाई समिति के निर्णयों का समर्थन करते हुए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प दोहराया।

जॉइंट एक्शन कमेटी के पूर्व निर्णय के अनुसार LADC नीति वापस लिए जाने तक पूरे पंजाब में ‘नो वर्क’ जारी रहेगा। इसके साथ ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन तथा बाद में नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के निकट भी धरना और भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, लुधियाना के अध्यक्ष विपिन सग्गर ने कहा कि जब तक अधिवक्ताओं की मांगों पर लिखित एवं संतोषजनक समाधान नहीं मिलता, तब तक आंदोलन और ‘नो वर्क’ जारी रहेगा।

बार एसोसिएशन के सचिव हिमांशु वालिया ने कहा कि यह आंदोलन अधिवक्ताओं के अधिकारों और बार एसोसिएशनों की स्वायत्तता की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि पूरा वकील समुदाय एकजुट होकर संघर्ष कर रहा है और आगामी सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेगा। बार एसोसिएशन ने सभी अधिवक्ताओं से अनुशासन एवं एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि LADC नीति वापस होने तक संघर्ष और हड़ताल पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Urmila

Related News