लुधियाना में ''नो वर्क डे'' जारी, LADC नीति के खिलाफ अधिवक्ताओं का न्यायिक बहिष्कार
punjabkesari.in Wednesday, Jul 08, 2026 - 04:09 PM (IST)
लुधियाना(मेहरा): LADC (लीगल एड डिफेंस काउंसिल) नीति के विरोध में पंजाब बार एसोसिएशनों की जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) के आह्वान पर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, लुधियाना का आंदोलन दूसरे दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। अधिवक्ताओं के पूर्ण न्यायिक बहिष्कार के चलते जिला अदालतों का नियमित कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ और अधिकांश मामलों में सुनवाई किए बिना ही अगली तारीखें दे दी गईं।
आंदोलन के दौरान कोर्ट कॉम्प्लेक्स और चैंबर कॉम्प्लेक्स को जोड़ने वाला मुख्य गेट पूरे दिन बंद रखा गया, जिससे बार एसोसिएशन के सामूहिक निर्णय और आंदोलन की एकजुटता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। अदालत परिसर में दिनभर अधिवक्ताओं ने ‘नो वर्क डे’ का पालन किया और किसी भी न्यायालय में पेश होकर पैरवी नहीं की। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन सग्गर ने कहा कि वर्तमान LADC नीति अधिवक्ताओं के पेशेवर अधिकारों और बार एसोसिएशनों की भूमिका को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक इस नीति को वापस लेकर बार एसोसिएशनों के माध्यम से पैनल बनाने की पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं की जाती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
बार एसोसिएशन के सचिव हिमांशु वालिया ने कहा कि यह आंदोलन केवल अधिवक्ताओं के हितों का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता और स्वतंत्रता की रक्षा का भी है। उन्होंने बताया कि पंजाब बार एसोसिएशनों की जॉइंट एक्शन कमेटी के अगले निर्देश तक ‘नो वर्क डे’ पूरी तरह प्रभावी रहेगा और सभी अधिवक्ता एकजुट होकर आंदोलन जारी रखेंगे। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा तथा LADC नीति वापस होने तक अधिवक्ताओं का संघर्ष निरंतर चलता रहेगा।

