अदालतों का कामकाज ठप, Advocates की ‘नो वर्क’ हड़ताल नौवें दिन भी जारी
punjabkesari.in Wednesday, Jul 15, 2026 - 06:43 PM (IST)
लुधियाना(मेहरा): LADC (लीगल एंड डिफेंस काउंसिल) नीति के विरोध में 7 जुलाई से शुरू हुई डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, लुधियाना की अनिश्चितकालीन ‘नो वर्क’ हड़ताल बुधवार को नौवें दिन भी जारी रही। पंजाब बार एसोसिएशनों की जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया, जिसके चलते जिला अदालतों का नियमित कामकाज लगभग ठप रहा। अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति के कारण अधिकांश मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी और अदालतों ने अगली तारीखें निर्धारित कर दीं।
आंदोलन के दौरान कोर्ट कॉम्प्लेक्स और चैंबर कॉम्प्लेक्स को जोड़ने वाला मुख्य प्रवेश द्वार पूरे दिन बंद रखा गया। किसी भी अधिवक्ता ने अदालतों में पेश होकर पैरवी नहीं की। बार सदस्यों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी मांगों पर ठोस एवं लिखित निर्णय होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
इस बीच LADC नीति को लेकर चंडीगढ़ में संबंधित अधिकारियों एवं बार प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, लेकिन लंबी चर्चा के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी। बैठक बेनतीजा रहने के बाद पंजाब बार एसोसिएशनों की जॉइंट एक्शन कमेटी ने स्पष्ट किया कि जब तक सक्षम प्राधिकारी अधिवक्ताओं की मांगों को स्वीकार करते हुए लिखित आश्वासन जारी नहीं करता, तब तक पूरे प्रदेश में ‘नो वर्क’ आंदोलन पूर्ववत जारी रहेगा।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन सग्गर ने कहा कि वर्तमान LADC नीति अधिवक्ताओं के पेशेवर अधिकारों, बार एसोसिएशनों की स्वायत्तता तथा न्यायिक व्यवस्था की निष्पक्षता के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि अब केवल मौखिक आश्वासन स्वीकार्य नहीं होगा और आंदोलन तभी समाप्त किया जाएगा, जब अधिवक्ताओं की मांगों पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिखित आश्वासन दिया जाएगा।
बार एसोसिएशन के सचिव हिमांशु वालिया ने बताया कि पंजाब बार एसोसिएशनों की जॉइंट एक्शन कमेटी के अगले निर्देश तक ‘नो वर्क’ जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के अधिवक्ता पूरी एकजुटता के साथ आंदोलन में शामिल हैं और बार की गरिमा, अधिवक्ताओं के हितों तथा न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
इसी क्रम में बुधवार को डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, लुधियाना की जनरल हाउस बैठक बार रूम कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई। बैठक में सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में बार एसोसिएशन के आगामी चुनावों के लिए संयुक्त सचिव (Joint Secretary) का एक पद तथा कार्यकारिणी (Executive Committee) के चार सदस्य पद महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित रखने का प्रस्ताव पारित किया गया।
जनरल हाउस में LADC नीति के विरोध में चल रहे आंदोलन की भी विस्तार से समीक्षा की गई। सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि पंजाब बार एसोसिएशनों की जॉइंट एक्शन कमेटी के अगले निर्देश तथा अधिवक्ताओं की मांगों पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने तक ‘नो वर्क’ आंदोलन पूरी मजबूती के साथ जारी रखा जाएगा।
बैठक के अंत में बार एसोसिएशन ने सभी अधिवक्ताओं से आंदोलन को सफल बनाने के लिए एकजुट रहने तथा आगामी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
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