लुधियाना में भगवान वाल्मीकि जी का पोस्टर फाड़ा, धार्मिक भावनाएं आहत
punjabkesari.in Tuesday, Oct 06, 2026 - 12:08 PM (IST)
लुधियाना (राज): महानगर के जमालपुर चौक के समीप भगवान वाल्मीकि जी के पावन प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में लगाए गए धार्मिक पोस्टर को नुकीली चीज से फाड़कर अपमानित करने और अपशब्द बोलकर धार्मिक भावनाएं आहत करने का अत्यंत संवेदनशील मामला सामने आया है। इस घिनौनी हरकत से वाल्मीकि समाज और स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी रोष फैल गया है। शिकायतकर्ता की पड़ताल के बाद आरोपी की पहचान चंदन के रूप में हुई है। मुद्दई के बयानों पर स्थानीय थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने और शांति भंग करने की संगीन धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस को दिए अपने आधिकारिक बयानों में शिकायतकर्ता ने बताया कि वह वाल्मीकि हिंदू धर्म से संबंध रखता है। आगामी 26 अक्टूबर को मनाए जाने वाले भगवान वाल्मीकि जी के पावन प्रकट दिवस के पावन अवसर पर भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज (भावाधस) की ओर से शहर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धापूर्वक पोस्टर लगाए गए थे। इसी कड़ी में श्रद्धालुओं द्वारा जमालपुर चौक के पास भी भगवान वाल्मीकि जी की पावन तस्वीर वाले बड़े पोस्टर स्थापित किए गए थे, ताकि संगतों को धार्मिक समागम की सूचना मिल सके। जमालपुर चौक पर लगे भगवान वाल्मीकि जी के पोस्टर को किसी असामाजिक तत्व द्वारा किसी नुकीली और धारदार चीज से जानबूझकर फाड़ दिया गया। इतना ही नहीं, आरोपी ने वाल्मीकि समाज और धर्म के प्रति अत्यंत आपत्तिजनक, भद्दी और अपमानजनक शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की। इस शर्मनाक कृत्य से पूरे समाज की धार्मिक आस्था को गहरी ठेस पहुंची है और इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
घटना के बाद जब मुद्दई और समाज के अन्य लोगों ने अपने स्तर पर इलाके में पूछताछ और जांच-पड़ताल की, तो प्रत्यक्षदर्शियों व साक्ष्यों के जरिए यह पुख्ता खुलासा हुआ कि जमालपुर चौक पर पोस्टर फाड़ने और गाली-गलौज करने वाला व्यक्ति चंदन है। आरोपी ने इलाके का सामाजिक और धार्मिक माहौल बिगाड़ने की दुर्भावनापूर्ण मंशा से इस वारदात को अंजाम दिया। इसके तुरंत बाद मुद्दई ने संबंधित थाने की पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। जांच अधिकारियों का कहना है कि बयानों के आधार पर नामजद आरोपी चंदन के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, धार्मिक चिन्हों का अपमान करने और सौहार्द बिगाड़ने से संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

