शहर से लेकर गांव तक लोग हो रहे परेशान, लाउड स्पीकर बने बड़ी मुसीबत

punjabkesari.in Saturday, Nov 29, 2025 - 04:38 PM (IST)

गुरदासपुर (विनोद) : धार्मिक जगहों, धार्मिक प्रोग्राम और शादी समारोहों में सुबह-सुबह और देर रात तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर स्टूडेंट्स, मरीजों, बुजुर्गों और आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। जबकि जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर इस संबंध में पाबंदी के आदेश जारी करने के बावजूद  इन ऑर्डर को पालन करवाने के लिए कोई डिपार्टमेंट नहीं है।

क्या है मामला?

गुरदासपुर जिले में सुबह 4-5 बजे के आसपास धार्मिक जगहों पर लाउडस्पीकर की आवाज दूर से सुनी जा सकती है। इसी तरह, धार्मिक फंक्शन, शादी समारोह और दूसरी धार्मिक जगहों पर देर रात तक तेज आवाज में गाने बजाए जाते हैं। इससे स्टूडेंट्स, मरीजों, बुजुर्गों और हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को परेशानी होती है। यह ट्रेंड शहरों के साथ-साथ हर गांव और कस्बे में भी आम है। कुछ शहरों और बड़े कस्बों में तो एक ही समय में चार से पांच धार्मिक जगहों से ऐसे धार्मिक प्रोग्राम का शोर सुना जा सकता है।

स्टूडेंट्स और मरीजों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना

इन दिनों स्टूडेंट्स को अपने सालाना और कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी करनी होती है। स्टूडेंट्स रात या सुबह के समय शांत माहौल में पढ़ाई करना पसंद करते हैं। लेकिन, इन धार्मिक जगहों और धार्मिक आयोजनों में बजने वाले लाउडस्पीकर उनकी पढ़ाई में बड़ी रुकावट बनते हैं।

इसी तरह, सुबह और देर रात बजने वाले लाउडस्पीकर घर पर इलाज करा रहे मरीजों और अस्पतालों में भर्ती लोगों के लिए परेशानी का सबब बनते हैं। लाउडस्पीकर उन्हें सोने नहीं देते और परेशान करते हैं। बुजुर्गों को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सुबह के समय बजने वाले लाउडस्पीकर से उन्हें भी काफी परेशानी होती है।

क्या कहते हैं प्रमुख नागरिक

स्टूडेंट संगठन के नेता अमर क्रांति, अमरनाथ सेवा दल के अध्यक्ष सतीश कालिया, रोटरी क्लब के अध्यक्ष डॉ. जे.बी.एस. रियाड़, पूर्व अध्यक्ष दिनेश महाजन, पूर्व अध्यक्ष अमरबीर सिंह चाहल, भारत विकास परिषद की शहर शाखा के अध्यक्ष राजेश सल्होत्रा, सीनियर वकील मनोज लूंबा, एडवोकेट आर.पी. महाजन, डॉ. के.एस. बब्बर, डॉ. राजन अरोड़ा, डॉ. रमेश महाजन वगैरह ने कहा कि हमें अपने-अपने धर्मों के नियमों का पालन तो करना चाहिए, लेकिन तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाकर लोगों को परेशान नहीं करना चाहिए।

मरीजों और स्टूडेंट्स की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को इस बारे में कोई पक्की पॉलिसी बनाने के लिए संबंधित धार्मिक जगहों के प्रमुखों और मैनेजरों के साथ-साथ मैरिज पैलेस के मालिकों के साथ मीटिंग बुलानी चाहिए। प्रशासन को आबादी वाले इलाकों, अस्पतालों और ओल्ड एज होम के आस-पास कम आवाज में और तय समय के दौरान लाउडस्पीकर बजाने की भी इजाजत देनी चाहिए। बिना इजाजत के लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह रोक लगानी चाहिए।

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News Editor

Urmila

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