गिरफ्तार तस्करों ने लुधियाना बम कांड में किया बड़ा खुलासा, बोले-ISI ने ड्रोन से भिजवाया बम

punjabkesari.in Saturday, May 21, 2022 - 09:49 AM (IST)

अमृतसर (इंद्रजीत): एस.टी.एफ. द्वारा अमृतसर से गिरफ्तार किए गए 4 व्यक्तियों से पूछताछ में कई रहस्य खुले हैं। इन लोगों ने लुधियाना बम कांड का भी पर्दाफाश किया है। वहीं इनके साथ पाकिस्तान के तस्करों के नाम भी सामने आए हैं। आई.जी. बॉर्डर रेंज/एस.टी.एफ. मोहनीश चावला ने प्रैस कांफ्रैंस में यह जानकारी दी। इस आप्रेशन की कमान ए.आई.जी. एस.टी.एफ. रछपाल सिंह के हाथों में थी।

गिरफ्तार किए गए दिलबाग सिंह बग्गा, सतनाम सिंह, हरप्रीत सिंह हैप्पी निवासी तनोए खुर्द और सविंद्र सिंह से एक आई.ई.डी. बम और एक किलो हैरोइन भी बरामद हुई है। जांच के दौरान सविंद्र सिंह और दिलबाग सिंह ने बताया कि उनके संपर्क पाकिस्तान के तस्करों से हैं और उनसे 2 पाकिस्तानी मोबाइल सिम व एक नोकिया फोन भी बरामद हुआ है। आई.जी चावला ने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय जांच एजैंसी एन.आई.ए. से भी संपर्क किया गया है और काफी महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं।16 मई को एक गुप्त सूचना के अनुसार लखबीर सिंह लक्खा निवासी चक मिश्री खान और सर्वजीत सिंह शब्बा और उनके कुछ साथी पाकिस्तान से आने वालेड्रग के मामले में सक्रिय हैं। ये तस्कर व्हाट्सएप से सभी प्रकार के नशीले पदार्थों की सप्लाई में शामिल हैं। पाकिस्तान में ड्रोन से इनके लिए हथियार और विस्फोटक पदार्थ आते हैं। सूचना के आधार पर एस.ए.एस. नगर मोहाली में केस पंजीकृत किया गया था जबकि गिरफ्तार किए गए दूसरे साथियों के संबंध में आज प्रैस कांफ्रैंस में खुलासे हुए हैं।

लुधियाना कोर्ट कॉम्पलैक्स में हुए बम ब्लास्ट के बारे में उन्होंने खुलासा किया कि यह बम उन्हें गांव बल्हारवार में एक ड्रोन के माध्यम से मिला था जो अगले दिन सुरमुख सिंह सूमू ने उसे अड्डा चौगावां में दिया था। यह बम आई.एस.आई. के निर्देश से भारत आया था जो उन्होंने बर्खास्त कांस्टेबल गगनदीप सिंह को बाईपास लुधियाना में दिया था। कोर्ट परिसर लुधियाना में आई.ई.डी. बम लगाते गगनदीप सिंह की मौत हो गई थी और दिलबाग सिंह बच गया जबकि सुरमुख सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था। वर्ष की शुरूआत में ही एस.टी.एफ. अमृतसर बॉर्डर रेंज ने 3 आई.ई.डी. बम बरामद किए थे जो काफी शक्तिशाली और खतरनाक थे। गिरफ्तार किया गया सर्बजीत सिंह उर्फ शब्बा नाबालिग है। उसने आरोपियों को तकनीकी सहायता प्रदान की परंतु तस्करी में उसकी कोई भूमिका नहीं है। इस मामले में एस.टी.एफ. अदालत से अनुरोध करेगी कि शब्बा से अधिक सख्ती न की जाए।


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Vatika

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