रात को राम भरोसे Ludhiana शहर! आतंकी इनपुट्स और स्वतंत्रता दिवस के अलर्ट के बावजूद बड़ी लापरवाही
punjabkesari.in Friday, Aug 07, 2026 - 09:34 AM (IST)
लुधियाना, (राज) : आगामी स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए पंजाब पुलिस के एडीजीपी (सिक्योरिटी) कौस्तुभ शर्मा ने बीते बुधवार को लुधियाना का दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया था। अधिकारी के आगमन के समय तो शहर में पुलिस पूरी तरह अलर्ट नजर आई और कोहाड़ा चौक से लेकर शहर के तमाम प्रमुख चौराहों पर भारी नाकाबंदी दिखाई दी। लेकिन, एडीजीपी के जाते ही लुधियाना पुलिस का यह सुरक्षा चक्र ताश के पत्तों की तरह ढह गया। एडीजीपी के सुरक्षा समीक्षा के दावों की जमीनी हकीकत जांचने के लिए जब पंजाब केसरी की टीम ने देर रात शहर का दौरा किया, तो नजारा बिल्कुल उलट था। शहर के प्रमुख चौराहों और एंट्री पॉइंट्स पर पुलिस के बैरिकेड्स तो खड़े मिले, लेकिन पहरा देने वाले पुलिस कर्मचारी गायब थे। चौराहों पर सन्नाटा पसरा हुआ था और वाहनों की चेकिंग करने वाला कोई मौजूद नहीं था।
अफसरों के दौरे तक सीमित वीआईपी नाकाबंदी
जब भी किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का दौरा होता है, तो पुलिस बल सडक़ों पर मुस्तैद कर दिया जाता है। लेकिन जैसे ही अधिकारी का काफिला रवाना होता है, जवान भी नाकों से गायब हो जाते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ अधिकारियों को दिखाने के लिए की जाती है?
आतंकी खतरे के अलर्ट के बीच गंभीर लापरवाही
यह लापरवाही ऐसे समय में सामने आ रही है जब देश विरोधी और आतंकवादी संगठन लगातार पंजाब का माहौल खराब करने और दहलाने की ताक में हैं। हालांकि पुलिस ने अतीत में कई नापाक साजिशों को नाकाम किया है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस जैसे संवेदनशील मौके पर लुधियाना पुलिस की यह ढिलाई आम पब्लिक पर भारी पड़ सकती है। यदि रात के समय सुरक्षा व्यवस्था केवल राम भरोसे रहेगी, तो संदिग्ध तत्वों पर नकेल कसना नामुमकिन साबित होगा।

