लुधियाना में डेंगू के आंकड़ों पर सवाल! अस्पतालों की रिपोर्ट्स में 300 से अधिक मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने बताया एक
punjabkesari.in Monday, Apr 20, 2026 - 11:37 PM (IST)
लुधियाना (सहगल): लुधियाना के विभिन्न अस्पतालों में डेंगू के 300 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं, परंतु स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से एक मरीज में डेंगू के पॉजिटिव होने की पुष्टि की है। स्वास्थ्य विभाग ने जिस मरीज में डेंगू पॉजिटिव होने की बात कही है, वह बहादुरके रोड के समीप आंनद कालोनी का रहने वाला है। जिले के चार सैटिनल सर्विलेंस सेंटरों सिविल अस्पताल लुधियाना, सब डिवीजनल अस्पताल खन्ना, जगराओं व रायकोट में डेंगू के संदेह में तीन सौ से अधिक मरीजों के सैंपल टैस्ट किए जा चुके हैं। ये सैंपल विभिन्न अस्पतालों में पॉजिटिव आज के मरीजो के हैं, जिन्हें क्रॉस सैंपलिंग के नाम पर नेगेटिव करार दिया जा चुका है। इनमें कई सैंपल तो काफी पुराने हो चुके बताए जाते हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि डेंगू जांच के लिए एलिजा विधि ही सर्वोत्तम है परंतु अस्पतालों से एकत्रित किए गए पुराने सैंपलों की दोबारा एलिजा विधि से जांच करना कई प्रकार के संशय पैदा करता है फिर इसे विशेष परिस्थितियों में साप्ताहिक दोबारा जांच करना आवश्यक होता है जबकि स्वास्थ्य विभाग इसमें रेंडम जांच भी नहीं करता।
हर शुक्रवार डेंगू पर वार कैंपेन शुरू
स्वास्थ्य अधिकारियों को कहना है कि डेंगू के लारवा को पैदा होने से रोकने के लिए शुक्रवार को पूरे राज्य में 'हर शुक्रवार डेंगू ते वार' कैंपेन शुरू कर दी गई, जिसके तहत एंटी लारवा विंग की टीमों ने लुधियाना में करीब एक जगह की चैकिंग की। इस दौरान चंद्र नगर, सुनेत, साबुन बाजार, दाना मंडी, इडब्लयूएस कालोनी, अशेक नगर, टिब्बा रोड, हरगोबिंद नगर, एमसीएल कालोनी, आजाद नगर व रणजीत नगर में चैकिंग की। इस दौरान सुनेत में एक वाटर कूलर से डेंगू का लारवा मिला।
हर शुक्रवार सुबह 9 से 10 बजे तक चैक होंगे हॉटस्पॉट
हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग जिले में डेंगू के केसों को नकारता आ रहा है परंतु डेंगू के खतरे के मद्देनजर स्टेट हैडक्वार्टर ने हर शुक्रवार डेंगू ते वार मुहिम के तहत सुबह 9 से 10 बजे तक हॉटस्पॉट (डेंगू के सबसे संभावित इलाको) को चैक करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अर्बन एरिया में डोर टू डोर सर्वे टीमें बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
अस्पताल देते हैं गलत रिपोर्ट तो क्यों नहीं करता सेहत विभाग कार्रवाई
लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल डेंगू के मामले में गलत रिपोर्टिंग दे रहे हैं तो स्वास्थ्य विभाग उन पर कार्रवाई क्यों नहीं करता। उनका कहना है कि अस्पतालों ने 300 मरीजों में डेंगू पॉजिटिव होने की बात कही, परंतु स्वास्थ्य विभाग ने एक मरीज में डेंगू पॉजिटिव होने की रिपोर्ट पेश की है। अगर 299 मामले झूठ हैं तो स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों पर क्या कार्रवाई की है ?

